गुरु पूर्णिमा: गुरु के चरणों में नतमस्तक हुए शिष्य
बेंगलूरु. भारतीय गुरु-शिष्य परम्परा का समर्पित गुरु पूर्णिमा पर्व शुक्रवार को श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया गया। गुरु के चरणों में शिष्य नतमस्तक हुए और जीवन में ज्ञान का आलोक फैलाने की कामना की। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोड़वाड़ भवन में उपाध्याय रविन्द्र मुनि के सान्निध्य में रमणीक मुनि ने चातुर्मास के पहले दिन गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरु हमें एक दूसरे के निकट लाता है, संवेदना-अनुकंपा सिखाता है।
गुरु प्रत्यक्ष रूप से हमारे बीच रहे न रहें उनकी शिक्षा सदैव हमारे साथ रहती है। चातुर्मास पर्व के आयोजन की महत्ता बताते हुए रविन्द्र मुनि ने कहा कि जीव रक्षा की भावना से साधु-संत विशिष्ट आवागमन नहीं करते हैं। अर्हम मुनि ने गीतिका प्रस्तुत की। गौतमचंद ओस्तवाल, पुष्पा बोहरा, राजेंद्र कोठारी ने भी विचार व्यक्त किए।
चौमुखी जाप के लाभार्थी पीरचंद संतोष ओस्तवाल का रविंद्र मुनि ने सम्मान किया। मुख्य संयोजक रणजीत कानंूगा, बाबूलाल रांका, आनंद कोठारी,अशोक रांका, प्रशांत बाफना, पारसमणि रुणवाल, जैन कान्फ्रेंस की महिला प्रदेशाध्यक्ष संतोष बोहरा, युवा अध्यक्ष किरण गुलेच्छा आदि शामिल हुए। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने स्वागत किया। प्रकाश बब ने आभार जताया। सीरवी समाज कर्नाटक ट्रस्ट बलेपेट के तत्वावधान में आईमाता मंदिर परिसर में संत अचलाराम के सान्निध्य में शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
सचिव ओमप्रकाश बर्फा ने बताया कि आईमाता की पूजा-अर्चना के बाद अनेक भक्तों ने गुरु पूजन कर गुरु के जयकारों से परिसर को गुंजायमान किया। संत अचलाराम ने कहा कि गुरु ही मनुष्य को परमात्मा से मिलवाने का कार्य करते हैं।
भजनों के माध्यम से भी गुरु भक्ति के भाव व्यक्त किए। उपाध्यक्ष दलाराम लचेटा, सचिव ओमप्रकाश, पूर्व सचिव नारायणलाल लचेटा, गैर मंडल अध्यक्ष चुन्नीलाल, सांस्कृतिक समिति से ढगलाराम राठौड़, महिला मंडल अध्यक्ष अमृताबाई, उपाध्यक्षा मांगीबाई आदि ने गुरु पूजन कर आशीर्वाद लिया।