बांसवाड़ा

ऑपरेशन से प्रसव के 11 घंटे बाद 26 वर्षीया महिला की मौत, परिवार ने छोड़ा नर्सिंग स्टाफ के भरोसे

जिला मुख्यालय के एमजी अस्पताल में रविवार तडक़े एक महिला की सिजेरियन डिलेवरी के बाद शाम को अचानक हालत गंभीर होने के बाद मौत हो गई।

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बांसवाड़ा@ पत्रिका। जिला मुख्यालय के एमजी अस्पताल में रविवार तडक़े एक महिला की सिजेरियन डिलेवरी के बाद शाम को अचानक हालत गंभीर होने के बाद मौत हो गई। मामले पर परिजन उखड़ गए। इत्तला पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी लेकर समझाइश के प्रयास किए।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार सुंदनी निवासी 26 वर्षीया उषा पत्नी नरेश चरपोटा की पहली डिलेवरी थी। उसे शनिवार देररात को प्रसव पीड़ा पर परिजन लेकर आए। सूचना पर आम्बापुरा क्षेत्र के खोड़ीपीपली गांव से पीहर पक्ष के लोग भी पहुंचे। यहां अभी समय होना बताया गया।

मृतका के जीजा कुंडला निवासी मुकेश पुत्र विजयलाल ने बताया कि तडक़े करीब साढ़े चार बजे वेदना ज्यादा हुई, तो इमरजेंसी में डॉ. अमित वगेरिया ने जांच कर ऑपरेशन किया। इससे स्वस्थ बच्चे का जन्म हुआ, लेकिन उषा की हालत सही नहीं थी। उसे सूजन की शिकायत बढ़ी तो ऑब्जर्वेशन में रखा गया। इसके बाद दिनभर उपचार के उपरांत शाम करीब चार बजे अचानक हालत ज्यादा खराब हुई , तो सूचना पर डॉ. कीर्तिश जैन और डॉ. पवन शर्मा पहुंचे, लेकिन कुछ देर में उषा की मृत्यु हो गई।

मुकेश ने बताया कि इससे पहले सुबह में हालत गंभीर बताने पर उसके साढ़ू नरेश ने रैफर करने को कहा था, लेकिन डॉक्टर ने नहीं सुनी। आरोप है कि मामले में लापरवाही रही और यहां नर्सिंग स्टाफ के भरोसेे उषा को छोड़ दिया गया, जिसके चलते उषा की जान गई। इधर, डॉ. वगेरिया ने बताया कि रात में इमरजेंसी केस आया था। पेट में बच्चा उल्टा होने से तडक़े सिजेरियन किया गया। उसके बाद सब ठीक था। उसके बाद दिन में सीनियर डॉक्टर्स ने भी मरीज को देखा था। मामले में कोतवाली सीआई विक्रमसिंह ने बताया कि सूचना पर थाने का पुलिस दल अस्पताल पहुंचा। पूछताछ के बाद पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया। मृतका के परिजन नवजात की देखभाल में लगे होने से रात साढ़े आठ बजे तक किसी ने रिपोर्ट नहीं दी। अब लिखित शिकायत पर सोमवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

Published on:
07 Aug 2023 03:49 pm
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