बांसवाड़ा

Banswara : ऐसी भी क्या मजबूरी थी मां… झाड़ियां में किलकारियां सुन झांका तो मिली 15 दिन की नवजात

Banswara : बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के महेशपुरा गांव में बीती रात के सन्नाटे में झाड़ियों से गूंजती एक मासूम की किलकारियां सुन वहां से गुजरते लोगों के कदम ठिठक गए।
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Banswara Ambapura police station Maheshpura gaon innocent child found admit hospital
Banswara : अस्पताल में भर्ती नवजात बच्ची। फोटो पत्रिका

Banswara : नवागांव. मां निष्ठूर थी या मजबूर! बांसवाड़ा जिले के आंबापुरा थाना क्षेत्र के महेशपुरा गांव में बीती रात के सन्नाटे में झाड़ियों से गूंजती एक मासूम की किलकारियां सुन वहां से गुजरते लोगों के कदम ठिठक गए। झांककर देखा तो करीब 15-16 दिन की एक नवजात बालिका लावारिस हालत में मिली। उसे महात्मा गांधी जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। पुलिस उसके परिजनों के बारे में जांच कर रही है।

गुरुवार रात लोगों ने बच्ची की आवाज सुनकर पुलिस को सूचना दी तो थानाधिकारी निर्भयसिंह राणावत दल के साथ मौके पर पहुंचे। नवजात को तत्काल एमजी चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसे एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) में भर्ती कराया गया। उधर, आंबापुरा थाना पुलिस ने नवजात को झाड़ियों में छोड़ने वाले व्यक्ति या परिजनों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल बच्चा सुरक्षित है।

फिलहाल स्थिति है सामान्य

नवजात बालिका की उम्र लगभग 15 से 16 दिन है। वजन तीन किलोग्राम है। फिलहाल उसकी स्थिति सामान्य है। चिकित्सकों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। उपचार जारी है।
डॉ. रंजना चरपोटा, शिशु रोग विशेषज्ञ, एमजीएच, बांसवाड़ा

राजस्थान में बढ़ती घटनाएं

राजस्थान में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रहीं हैं। कुछ नए मामले है, जिन्हें जानें

भरतपुर : 1 मार्च 2026 को भरतपुर में चिकसाना थाना अंतर्गत न्यू पुष्प वाटिका कॉलोनी में खाली भूखंड पर कचरा डालने गई महिला को एक रोती हुई बच्चे के आवाज सुनाई दी। मौके पर पुलिस पहुंची और बच्ची को जनाना अस्पताल में भर्ती कराया।

डूंगरपुर : 26 सितम्बर 2025 में डूंगरपुर में अस्पताल के बाहर नवजात शिशु मिला। नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनकर एक राहगीर युवक ने उसे मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में भर्ती कराया है, जहां डाक्टर उसकी देखभाल गंभीरता से कर रहे थे।

पाली : 25 सितम्बर 2025 में पाली जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहां 2 दिन के नवजात बच्चे को झाड़ियों में फेंक दिया गया था।

भीलवाड़ा : 25 सितम्बर 2025 में सीताकुंड के जंगलों में किसी ने नवजात को पत्थरों के नीचे दबाकर छोड़ दिया था। उसकी चीखों के दबाने के लिए उसके मुंह में एक पत्थर डालकर फेवी क्विक से चिपका दिया गया था।

Updated on:
31 Jul 2026 09:48 pm
Published on:
31 Jul 2026 09:47 pm