6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Alwar : खेत में काम कर रहे युवक को सांप ने डसा, गुस्साए परिजनों ने उसे मार डाला, दोनों को लेकर पहुंचे अस्पताल

Alwar : अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में थाना गांव में शनिवार को एक युवक को सांप के डंसने पर परिजन उस सांप काे मारकर युवक के साथ अस्पताल ले गये।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अलवर

•

image

Sanjay Kumar Srivastava

•

Updated: 31 Jul 2026, 8:02 PM IST

Alwar young man bitten snake angry family members killed him and rushed both hospital

Alwar : प्रतीकात्मक फाइल फोटो पत्रिका

Alwar : राजस्थान में अलवर जिले के टहला थाना क्षेत्र में थाना गांव में शनिवार को एक युवक को सांप के डंसने पर परिजन उस सांप काे मारकर युवक के साथ अस्पताल ले गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार दुर्गादास (30 वर्ष) को खेत में काम करने के दौरान सांप ने पैर में डस लिया। घटना के बाद उसके परिजन सांप को मारकर सांप और दुर्गादास को लेकर अस्पताल पहुंच गये। जिला अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने युवक का तत्काल उपचार शुरू किया। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। सूत्रों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण उपचार में देरी नहीं हुई, जिससे स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली।

अलवर में चिकित्सकों ने बताया कि सांप के डसने की स्थिति में घबराने के बजाय मरीज को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाना सबसे जरूरी होता है। सुरक्षित रूप से संभव हो और बिना किसी जोखिम के सांप की पहचान हो जाये तो उपचार में सुविधा मिल सकती है।

पीड़ित युवक दुर्गादास के अनुसार अचानक मुझे पैर में तेज दर्द हुआ, देखा तो सांप डसकर भाग रहा था। जब घर वालों ने मेरी आवाज सुनी तो दौड़कर करीब आए और सांप वहीं मार दिया। मुझे गाड़ी में डालकर अस्पताल ले आए। सांप को साथ इसलिए लाए ताकि डॉक्टर सही दवा दे सकें।

राजस्थान में सांपों का कहर

राजस्थान में पिछले 5 वर्ष में राज्य में 75 हजार से अधिक लोग सांप के काटने का शिकार हुए हैं, जबकि 2170 लोगों की जान जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से 2025-26 तक राज्य में सर्पदंश के 75,500 से अधिक मामले दर्ज हुए। इस दौरान कुल 2170 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2024 सबसे घातक साबित हुआ, जब 16,500 मामलों में 480 लोगों की जान गई। वहीं 2022 में 15,100 मामलों में 455 मौतें दर्ज की गई थी।

आंकड़े बताते हैं कि जुलाई से सितंबर के बीच सर्पदंश के सर्वाधिक मामले सामने आते हैं। मानसून के दौरान खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों में सांपों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। वर्ष 2021 में 14,200 मामलों में 410 मौतें हुई। 2022 में 15,100 मामलों में 455 मौतें हुई। 2023 में 13,800 मामलों में 390 लोगों की जान गई। 2024 में 16,500 मामलों में 480 मौतें हुई। वहीं 2025-26 में अब तक 15,900 मामले और 435 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं।

अंधविश्वास और इलाज की कमी से होती है मौत

भारत में हर साल 50,000 से अधिक मौतें सर्पदंश से होती हैं, यह संख्या विश्व में सबसे ज़्यादा है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकतर मौतें समय पर इलाज न मिलने, झोलाछाप इलाज और अंधविश्वासों के कारण होती हैं। डब्ल्यूएचओ का लक्ष्य है कि 2030 तक सर्पदंश से मौतों में 50 प्रतिशत की कमी लाई जाए।

सांप डसे तो क्या करें और क्या न करें?

क्या करें - शांत रहें, अंग को स्थिर रखें, अस्पताल ले जाएं।
क्या न करें - झाड़-फूंक, चीरा, खून चूसना या देसी इलाज से बचें।