बांसवाड़ा

Rajasthan Crime News : जाली नोट छापना कैसे सीखा? आरोपी का जवाब सुन पुलिस के उड़े होश

Banswara Crime : जाली नोट प्रकरण में एक और गिरफ्तारी हुई। आरोपी से हुई पूछताछ में नया खुलासा हुआ। जाली नोट छापना कैसे सीखा, आरोपी का जवाब सुन पुलिस के होश उड़ गए। जानें आरोपी ने क्या तरीका अपनाया।

2 min read
Banswara Crime How did Learn to Print Fake Notes Hear Accused Answer Police Shocked One More Arrested

Banswara Crime : बांसवाड़ा के आनंदपुरी क्षेत्र में जाली नोट चलाने में जुटे गिरोह की चौंकाने वाली कारस्तानी का खुलासा हुआ है। मामले में पकड़े गए आरोपी ने यूट्यूब से नकली नोट छापने का तरीका सीखा और क्षेत्र के ही एक व्यक्ति की मदद से प्रिंटर लाकर जाली नोट छापे भी थे। प्रिंट सही नहीं आने पर वह एक लाख रुपए के असली नोट देकर दो लाख के जाली नोट पड़ोसी गुजरात से लाया और फिर उन्हें बांटकर बाजार में चलाने जुटा हुआ था। यह तथ्य पुलिस के अब तक अनुसंधान में सामने आए। मामले में पुलिस ने गुरुवार को आरोपी महेश के साथी टिम्बी निवासी सुनील खिहुरी को भी धर दबोचा।

पूछताछ से मिलीं अहम् जानकारियां

गौरतलब है कि आनंदपुरी थाना पुलिस ने धूलियागढ़ निवासी महेश पुत्र कानिया कटारा के मकान में ड्रम से 1 लाख 39 हजार 300 रुपए के जाली नोट बरामद कर गिरफ्तारी की थी। इसके बाद बुधवार को महेश को न्यायिक मजिस्ट्रेट आनंदपुरी मुकेश सावरिया के समक्ष पेश कर रिमांड पर लिया था। मामले में थानाधिकारी कपिल पाटीदार ने बताया कि महेश से पूछताछ से कुछ अहम् जानकारियां मिली।

यूट्यूब से सीखा जाली नोट छापने का तरीका

उसने अपने एक साथी सुनील के साथ मिलकर बांसवाड़ा से प्रिंटर साढ़े बाहर हजार रुपए में खरीदा था। यूट्यूब से तरीका जानकर इन्होंने बड़ी मात्रा में 500, 200 और 100 के नोट छापे, लेकिन उनके प्रिंट हुबहू नहीं आए। इससे पकड़े जाने की आशंका पर इन्होंने पड़ोसी गुजरात के किसी व्यक्ति को एक लाख रुपए देकर दो लाख के नकली नोट खरीदे और खुद चलाने के साथ कुछ लोगों में चलाने के लिए बांटे। आरोपी ने प्रिंट करने का काम अपने घर में ही करना बताया। पुलिस अब इन आरोपियों द्वारा छापे नोट किन-किन व्यक्तियों को बाटे हैं, इस बारे में पूछताछ में जुटी है।

गड्ढा खोदकर खेत में दबा दिया था प्रिंटर, पूछताछ में उगला राज

मेले में चलाए नोट जाली होने पर व्यापारी की शिकायत के बाद पुलिस की सक्रियता को आरोपी महेश ने भांप लिया था। फिर पुलिस पहुंचने की भनक लगी, तो महेश ने जाली नोट छापने में इस्तेमाल प्रिंटर को अपने घर के पीछे खेत में गड्ढा खोदकर दबा दिया। कड़ी पूछताछ पर उसने यह राज उगला, तो पुलिस ने उसकी निशानदेही पर प्रिंटर निकलवाकर बरामद कर लिया है।

Updated on:
21 Mar 2025 12:46 pm
Published on:
21 Mar 2025 11:44 am