
Bhil Pradesh Demand : बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में आज शुक्रवार को भील प्रदेश की मांग को लेकर चार राज्यों के आदिवासी एकजुट होंगे। भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम में आने वाले लोगों से अपने साथ 2 रोटी और गुड़ लाने का आग्रह किया गया है। मानगढ़ धाम पर शुक्रवार को भील प्रदेश संदेश यात्रा, सभा एवं पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसके तहत गुरुवार को जिला कलक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव एवं पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने मानगढ़ धाम पहुंचकर आयोजक समिति के साथ बैठक की तथा व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।
बैठक में कलक्टर ने आयोजकों से प्रशासन के सभी दिशा-निर्देशों एवं शर्तों की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, साफ-सफाई, शौचालय, स्वयंसेवकों की तैनाती तथा अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का संचालन प्रशासन एवं पुलिस के साथ समन्वय बनाकर शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से किया जाए। बैठक के बाद बांसवाड़ा के जिला कलक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सभा स्थल, पार्किंग क्षेत्र, मुख्य मार्ग, प्रवेश एवं निकास मार्ग सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी दुपहिया वाहन चालक हेलमेट तथा चार पहिया वाहन चालक एवं यात्री सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही खड़ा किया जाए तथा किसी भी व्यक्ति को वाहन की छत पर बैठकर यात्रा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने आयोजक समिति से पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती कर यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण एवं पार्किंग व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करने का आग्रह किया। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने की अपील की।
देश का आदिवासी (भील) समुदाय लंबे समय से ‘भील प्रदेश' नाम से अलग राज्य बनाने की मांग कर रहा है। प्रस्तावित राज्य में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल क्षेत्रों को शामिल करने की बात कही जाती है। भील प्रदेश में चार राज्यों के करीब 39 आदिवासी बहुल जिलों को मिलाकर नया राज्य बनाने की मांग है। राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, बाड़मेर, जालोर, सिरोही, उदयपुर, झालावाड़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, कोटा, बारां, पाली को शामिल करने की मांग है।