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Rajasthan News : मंत्रीजी ! 5 माह से FCM इंजेक्शन नहीं, कैसे होगा एनीमिया का इलाज?

Rajasthan के सरकारी अस्पतालों में 5 महीनों से FCM इंजेक्शन गायब। बाजार में ₹2,500 से ₹6,000 की कीमत, एनीमिक प्रसूताओं की जान पर मंडराया संकट। बीकानेर में एक और मौत।
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बांसवाड़ा

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Nakul Devarshi

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मिलन शर्मा

Jul 15, 2026

FCM Injection Shortage Rajasthan Maternal Deaths Banswara Bikaner PBM Hospital

भीलवाड़ा के सरकारी अस्पताल में निरीक्षण करते स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर

एनीमिया के चलते प्रसुताओं की हर साल बढ़ती मौतों तथा एनीमिक मदर से नवजात शिशुओं को मिल रही बीमारियों की अनचाही सौगात को जड़ से खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार ने नवंबर 2025 से फेरिक कार्बोक्सी माल्टीज (FCM) इंजेक्शन लगाना शुरू किया और पिंक ड्राइव अभियान चलाते हुए, वृहद स्तर पर प्रसूताओं को टीके लगाए थे। गत 5 माह से प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में एफसीएम इंजेक्शन आ ही नहीं रहा है। हर माह जिला अस्पतालों से इंजेक्शन की डिमांड भेजी जा रही है, लेकिन आपूर्ति नहीं हो रही है।

प्रदेश में हर साल 15 से 16 लाख महिलाएं गर्भवती होती है और इनमें 52 से 58 फीसदी एनीमिक होने के कारण उन्हें इस इंजेक्शन की जरूरत है।

आंकड़े बता रहे हैं हकीकत

58% - प्रसूताएं है प्रदेश में एनीमिक

79% - दक्षिणी राजस्थान के जिलों की

80% - में खून की कमी संबंधित बीमारियां

15-16 लाख महिलाओं की प्रदेश में हर साल होती है गर्भवती

2.5-03 लाख महिलाओं की दक्षिणी प्रदेश में होती है डिलेवरी

क्यों जरूरी है एफसीएम

एफसीएम इंजेक्शन आधुनिक आयरन रिप्लेसमेंट दवा है। इसका उपयोग मुख्य रूप से आयरन की कमी से होने वाले गंभीर एनीमिया (खून की कमी) के इलाज के लिए किया जाता है। यह सीधे रक्त प्रवाह में आयरन पहुंचाकर हीमोग्लोबिन के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। गंभीर एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में सुरक्षित और तेजी से खून बढ़ाने के लिए यह एक अत्यधिक प्रभावी उपचार माना जाता है।

...इधर, बीकानेर में एक और प्रसूता की मौत

बीकानेर, पीबीएम अस्पताल में किडनी संक्रमण से जूझ रही एक और प्रसूता की मंगलवार को मौत हो गई। नापासर निवासी मेघराज की पत्नी कमला को प्रसव पीड़ा होने पर 8 जून की सुबह भर्ती कराया गया था। उसी शाम को उसका सिजेरियन प्रसव किया गया। इसके बाद उसकी तबीयत लगातार बिगड़ने लगी। जांच में किडनी संक्रमण सामने आने के बाद 10 जून को उसे मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट किया गया। समय-समय पर डायलिसिस की जा रही थी।