
लक्ष्मी। पत्रिका फाइल फोटो
बांसवाड़ा। महात्मा गांधी राजकीय चिकित्सालय में 4 दिन में 4 प्रसूताओं की मौत का मामले की जांच रिपोर्ट 24 घंटे बाद भी सामने नहीं आ सकी है। इधर, बांसवाड़ा जिले की अरथूना पंचायत समिति अंतर्गत रैयाणा ग्राम पंचायत के पातेला पांडा क्षेत्र की एक और प्रसूता और नवजात की मौत गुजरात के निजी चिकित्सालय में होना सामने आया है। परिजनों के अनुसार प्रसूता लक्ष्मी (31) पत्नी प्रभुलाल चरपोटा चौथी बार गर्भवती थी। उसका उपचार गुजरात के दाहोद स्थित एक निजी चिकित्सालय में चल रहा था।
गत सात जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन उसे दाहोद के निजी चिकित्सालय लेकर पहुंचे। लक्ष्मी ने शाम छह बजे शिशु को जन्म दिया। पर, जन्म के 15 मिनट के दरम्यान ही शिशु की मौत हो गई। प्रसव के बाद गर्भवती की हालत भी लगातार बिगड़ गई तथा रात्रि 11 बजे उसने भी दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि लक्ष्मी के पूर्व में तीन संताने हैं। उसके हिमोग्लोबिन भी दस ग्राम था। पर, ब्लड प्रेशर बढ़ रहा था। इस पर आठवें माह में ही डिलेवरी करवानी पड़ी।
इधर, एमजी चिकित्सालय में चार दिन में चार प्रसूताओं की मौत के मामले में प्रशासन और महकमा चुप्पी साधे है। घटना के 5 दिन बाद भी चिकित्सा विभाग जिला अस्पताल में हुई मौतों को लेकर कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है और जांच का खेल चल रहा है। जयपुर से पहुंचे चिकित्साधिकारी अभिनव अग्रवाल देर शाम तक गायनिक वार्ड के चिकित्सकों, वार्ड कर्मचारियों से वन-टू-वन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते दिखे। इधर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खुशपालसिंह ने बताया कि फिलहाल जांच चल रही है। कुछ भी कहने स्थिति में नहीं है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि जिला अस्पताल में 7 जुलाई को एक नाबालिग प्रसूता की मौत के अगले ही दिन आठ जुलाई को एक और प्रसूता की मौत हो गई। इसके बाद दस जुलाई को एक साथ दो और प्रसूताओं की मौत हो गई। मृतकों में सवनिया निवासी लक्ष्मी पत्नी अरविंद, अकलखेड़ा मध्यप्रदेश निवासी रेश्मा पत्नी प्रेम और एक अन्य प्रसूता लीला पत्नी विजय निवासी कानेला गढ़ी है। फिलहाल, जांच का सिलसिला जारी है।
Updated on:
13 Jul 2026 11:26 am
Published on:
13 Jul 2026 11:26 am
