बांसवाड़ा. शरणस्थान चर्च और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की ओर से तीन दिवसीय 44वां आत्मिक जागृति सम्मेलन की शुरुआत शुक्रवार को हुई। इस अवसर पर केरल से आए उपदेशक रेव्हरेंड सुरेश बाबू ने कहा कि प्रभु यीशू संसार में इसलिए आए कि यह संसार अनंत जीवन पाए। उन्होंने वरदान स्वरूप अनंत जीवन दिया है। उन्होंने संसार के अपराधों के लिए स्वयं के प्राण दे दिए। हम उनसे अपराधों की क्षमा प्राप्त करें और उन पर विश्वास कर अनंत जीवन प्राप्त करें। प्रभु पर विश्वास करने से हम संसार में अनंत दंड से बचेंगे और अनंत जीवन में प्रवेश
बांसवाड़ा. शरणस्थान चर्च और चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की ओर से तीन दिवसीय 44वां आत्मिक जागृति सम्मेलन की शुरुआत शुक्रवार को हुई। इस अवसर पर केरल से आए उपदेशक रेव्हरेंड सुरेश बाबू ने कहा कि प्रभु यीशू संसार में इसलिए आए कि यह संसार अनंत जीवन पाए। उन्होंने वरदान स्वरूप अनंत जीवन दिया है। उन्होंने संसार के अपराधों के लिए स्वयं के प्राण दे दिए। हम उनसे अपराधों की क्षमा प्राप्त करें और उन पर विश्वास कर अनंत जीवन प्राप्त करें। प्रभु पर विश्वास करने से हम संसार में अनंत दंड से बचेंगे और अनंत जीवन में प्रवेश करेंगे। अंगे्रजी में दिए उपदेश का अनुवाद संतोष वर्गीस डूंगरपुर ने किया।
इस अवसर पर सामूहिक स्वर में गीत गाए गए, जिनमें धन्यवाद सदा प्रभु यीशु क्राइस्ट, आपके सम्मुख शीश नवाते हैं, आपकी आराधना करने आते हैं..., आवाज उठाएंगे हम साज बजाएंगे, यीशु महान आपका गीत सुनाएंगे... मुक्ति के आप दाता हैं, दुनिया को बताएंगे..., यीशू के लहु से मिलती मुझे मन की सफाई, सामथ्र्य विजय मिलती मुझे...प्रमुख रहे। चर्च प्रभारी रेव्हरेंड अजय डामोर ने प्रार्थना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मसीह समुदायजन चर्च में उपस्थित रहे।