बांसवाड़ा जिले के दानपुर क्षेत्र के छलिया बड़ी गांव में खुशियां मातम में बदल गईं। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की आलोट तहसील में कार्यरत पटवारी रविशंकर खराड़ी ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
बांसवाड़ा। जिले के दानपुर क्षेत्र के छलिया बड़ी गांव में खुशियां मातम में बदल गईं। मध्यप्रदेश के रतलाम जिले की आलोट तहसील में कार्यरत पटवारी रविशंकर खराड़ी ने मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
हृदय विदारक बात यह है कि एक दिन पहले ही पटवारी के छोटे भाई की शादी थी और रिसेप्शन के बाद रविशंकर ने साफे का फंदा बनाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतक पटवारी के बिस्तर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उन्होंने विभाग की एक महिला नायब तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पटवारी ने पत्र में लिखा कि उच्च अधिकारी के अत्यधिक दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण वह यह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर है। महिला अधिकारी ने उन्हें अपने क्वार्टर पर बुलाया और धमकाते हुए कहा कि वे उनके भाई की शादी में विघ्न डाल देंगी। उन्हें शादी में शामिल होने के लिए समय भी नहीं देंगी। रविशंकर को दो वर्ष पूर्व ही पिता के निधन के बाद एमपी में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी।
मृतक के भाई सिद्धार्थ ने बताया कि उसकी शादी 20 अप्रेल को थी। रविशंकर एक दिन पहले 19 अप्रेल की सुबह घर पहुंचे थे। शादी समारोह के लिए वे परिवार के साथ बांसवाड़ा के बड़ी सरवन क्षेत्र स्थित तारा घाटी भी गए थे। इस दौरान रविशंकर ने शादी में सिद्धार्थ को कंधों पर बैठाकर डांस भी किया।
सिद्धार्थ ने बताया कि फेरों के दौरान अचानक रविशंकर बिना कुछ बताए वहां से रतलाम के लिए रवाना हो गए। उसी रात रतलाम में रिसेप्शन कार्यक्रम भी था, लेकिन वे उसमें भी शामिल नहीं हुए। परिवार के लोग रविशंकर के घर पहुंचे तो वहां फंदे पर उनका शव लटका मिला।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने रतलाम के मेडिकल कॉलेज में जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों की मांग है कि दोषी अधिकारी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सविता राठौर नायब तहसीलदार को रतलाम जिला कलक्टर मिशासिंह ने एक आदेश जारी करते हुए निलंबित कर दिया।