बांसवाड़ा

Banswara Roadways : 29 जून से आनंदपुरी से बांसवाड़ा के बीच चलेगी रोडवेज बस, इन गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

Banswara Roadways : बांसवाड़ा रोडवेज डिपो ने ऐलान किया है कि आनंदपुरी से बांसवाड़ा के बीच फिर से नई बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह सेवा आगामी सोमवार यानि 29 जून से प्रारंभ हो जाएगी।
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Banswara Roadways bus run between Anandpuri Banswara 29 June these villages get benefits
Banswara Roadways : आनंदपुरी से बांसवाड़ा के बीच चलेगी रोडवेज बस। फाइल फोटो पत्रिका

Banswara Roadways : बांसवाड़ा जिले के ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा होने जा रही है। बांसवाड़ा रोडवेज डिपो ने ऐलान किया है कि आनंदपुरी से बांसवाड़ा के बीच फिर से नई बस सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह सेवा आगामी सोमवार यानि 29 जून से प्रारंभ हो जाएगी। इससे छात्रों, नौकरीपेशा लोगों तथा व्यापारियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। बांसवाड़ा रोडवेज आगार के मुख्य प्रबंधक मनीष जोशी ने बताया कि आनंदपुरी से बांसवाड़ा की दूरी 64 किमी. है।

इस रूट पर बस लगाई गई है, जो दिन भर में चार चक्कर पूरा कर कुल 256 किमी. की यात्रा पूरी करेगी। यह बस सुबह 7.15 बजे आनंदपुरी से रवाना होकर बांसवाड़ा पहुंचेगी। इसके बाद 10.45 बजे बांसवाड़ा से आनंदपुरी के लिए वापस रवाना होगी। बस फिर से दोपहर 1.45 बजे आनंदपुरी से बांसवाड़ा के लिए बस चलेगी और शाम 5 बजे बांसवाड़ा से आनंदपुरी के लिए रवाना हो जाएगी। यह बस का अंतिम चक्कर होगा।

इन गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

आनंदपुरी-बांसवाड़ा रूट की यह बस वाया कोबा-बड़लिया मार्ग पर चलेगी। इसमें ठीकरिया, बोरवट, छींच रोड, मलवासा, बागीदौरा, उदयपुर, चोरसी, कोबा, छपरा, पाटकंज, करदा और बड़लिया जैसे गांव-कस्बों से गुजरेगी। खासकर, यह बस शुरू होने से छात्रों को कॉलेज-स्कूल तक पहुंचने में आसानी होगी।

30 साल पुराना भूमि विवाद सुलझा, 9 खातेदारों को मिली राहत

एक अन्य न्यूज के अनुसार बांसवाड़ा में ग्रामीण सेवा शिविर अभियान 2026 के तहत ग्राम पंचायत सामागढ़ा (पटवार मंडल मकोड़िया) में आयोजित शिविर में राजस्व विभाग की पहल से 30 वर्षों से लंबित भूमि विवाद का निस्तारण हुआ। नायब तहसीलदार जसकिरण हुवोर, भू-अभिलेख निरीक्षक (गिरदावर) और पटवारी की सूझबूझ से खाता संख्या 139 की आराजी संख्या 337 एवं 359 का विधिक बंटवारा कर 9 खातेदारों को राहत दी गई।

तीन दशकों से भूमि का विभाजन नहीं होने के कारण गुलाबजी, गोविंद, कांती, रूपा सहित सभी 9 खातेदार ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित थे। शिविर के दौरान राजस्व अधिकारियों ने सभी पक्षों से संवाद कर कानूनी व व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी और आपसी सहमति बनाने के लिए प्रेरित किया। अंततः राजस्व टीम की समझाइश से विवाद समाप्त हुआ और मौके पर ही भूमि का तीन हिस्सों में न्यायसंगत विभाजन कर नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई।

Published on:
25 Jun 2026 10:42 am