
किसान चिंतित, पत्रिका फोटो
Monsoon Delay Rajasthan: भारी बारिश के लिए राजस्थान का 'चेरापूंजी' कहलाने वाला बांसवाड़ा इस बार मानसून की देरी झेल रहा है। अमूमन 15 से 18 जून के मध्य मानसून की पहली झमाझम बरसात इलाके को तरबतर कर देती है, किसान खेती कार्य में जुट जाते हैं, लेकिन 8 दिन पहले प्री-मानसून की दो बार हल्की-तेज बारिश से ही मन बहलाना पड़ा है।
आसमान अब भी साफ नजर आ रहा है, दूर-दूर तक काली बदळियां नजर नहीं आ रही। हालांकि, मौसम विज्ञानियों का मानना है कि जल्द ही बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का मानसून वागड़ सहित मेवाड़-हाड़ौती को तरबतर करेगा।
प्री-मानसून की बारिश के साथ ही काश्तकार फसल के लिए खेत तैयार करने में जुट गए थे। अब उन्हें मानसून सक्रिय होने का इंतजार है। अच्छी बारिश होने पर ही वे खेतों में बीज-खाद डालकर खरीफ की बुवाई करेंगे। कृषि विभाग ने खरीफ-2026 के लिए करीब पौने दो लाख हेक्टेयर में बुवाई के लक्ष्य तय किए हैं। इनमें प्रमुख तौर पर मक्का, सोयाबीन, धान एवं कपास की बुवाई होगी।
मानसून की लेटलतीफी से बांसवाड़ा अंचल में गर्मी भी फिर बढ़ गई। पारा रोज ऊपर जा रहा है। न्यूनतम पारा कमजोर हो रहा है। अप्रेल और मई जैसी गर्मी का अहसास हो रहा है। दोपहर में लोगों को सूरज की तपन झुलसा रही है। आगामी 5 दिनों तक तापमान की उछल-कूद यूं ही चलेगी।
18 से 22 जून के बीच अरब सागर की शाखा का मानसून सबसे पहले वागड़-मेवाड़ से राजस्थान में प्रवेश करता रहा है। इस वर्ष अब तक नहीं आया। यद्यपि बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ सहित वागड़, मेवाड़ एवं हाड़ौती में प्री-मानसून खंड बरसात के रूप में हुई है। बांसवाड़ा सहित वागड़, मेवाड़ व हाड़ौती में मानसून इसी सप्ताह सक्रिय होने की संभावना है। मानसून का पहला दौर कमजोर रह सकता है।
इस वर्ष 22 जून को अरब सागरीय शाखा का मानसून मुंबई तथा बंगाल की खाड़ी का मानसून भी छत्तीसगढ़ आगे बढ़ते हुए पूर्वी एवं दक्षिणी मध्यप्रदेश में पहुंच गया है। इसी सप्ताह वागड़-मेवाड़ एवं हाड़ौती हिस्सों में सक्रिय होने की उम्मीद बन रही है। - प्रो. नरपतसिंह राठौड़ भूगोल शाखा के पूर्व विभागाध्यक्ष, मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय, उदयपुर
Updated on:
24 Jun 2026, 10:09 AM IST
Published on:
24 Jun 2026, 10:09 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.