
Banswara :बांसवाड़ा जिले की तीन नगर निकायाें के चुनाव में भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) को एक भी सीट नहीं मिलने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने तत्काल प्रभाव से कार्यकारिणी को भंग करते हुए जिले के सभी 31 पदाधिकारियों को हटा दिया है। साथ ही डूंगरपुर जिलाध्यक्ष को भी पदमुक्त कर दिया है। हालांकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के अनुसार कार्यकारिणियों का तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर यह कदम उठाने की बात की जा रही है। हाल ही हुए निकाय चुनावों में बीएपी ने बांसवाड़ा नगरपरिषद के 60 वार्डों में 20 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे थे।
इनमें से एक उम्मीदवार के जरिए अपना नाम वापस लेने के बाद 19 उम्मीदवार चुनावी मैदान में बाकी रह गए थे। इसके अलावा परतापुर गढी नगरपालिका में 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे, लेकिन एक आवेदन निरस्त हो जाने के कारण मैदान में 11 प्रत्याशी रहे। इसके अलावा कुशलगढ़ में सात प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतारे थे। इनमें से कोई भी प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाया।
बांसवाड़ा जिले के निकाय चुनाव में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करने का एक कारण टिकट वितरण में की गई मनमानी का सामने आया है। पार्टी पदाधिकारियों पर आरोप लगे हैं कि टिकट वितरण सही ढंग से नहीं किया था। इसलिए भितरघात और आपसी खींचतान के चलते पार्टी सीट नहीं बना पाई।
बांसवाड़ा में भले ही बीएपी पार्टी के प्रत्याशियों का जीत का खाता नहीं खुल पाया, लेकिन पार्टी ने डूंगरपुर में तीन और सागवाड़ा में चार सीटें अपने नाम दर्ज की है। इसलिए डूंगरपुर जिले में पदमुक्त किए गए जिलाध्यक्ष अनुतोष रोत को बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। राष्ट्रीय अध्यक्ष के अनुसार पार्टी के गठन से अब तक डूंगरपुर और प्रदेश स्तर पर किसी पदाधिकारी को नहीं बदला गया था। इसलिए डूंगरपुर के जिलाध्यक्ष को अब 7 सीट पार्टी के नाम करने पर बतौर पुरस्कार बड़ा दायित्व मिल सकता है।
भारत आदिवासी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहनलाल रोत ने बताया कि पार्टी की स्थापना 10 सितम्बर 2023 को हुई थी। हाल ही पार्टी के तीन साल भी पूरे हो चुके हैं। जिलाध्यक्ष के अनुसार तीन साल का कार्यकाल होने के कारण अब बांसवाड़ा और डूंगरपुर की जिला कार्यकारिणी का फिर से पुनर्गठन किया जाएगा। आगामी कुछ दिनों में पार्टी की जिला एकीकरण समिति की बैठक होगी, जिसमें बांसवाड़ा और डूंगरपुर के नए जिलाध्यक्ष घोषित किए जाएंगे।