
बांसवाड़ा. दीपोत्सव के पहले दिन धनतेरस की रात शहर जगमगा उठा। घर-प्रतिष्ठान रोशनी से लकदक रहे, तो बाजार भी गुलजार हो गया। दिनभर खरीदारी का सिलसिला जमकर होने से बाजार में रौनक देखते ही बनी और करोड़ों का कारोबार का आनुमान है। घरों व दुकानों में शुभ मुहूर्त पर भगवान धन्वन्तरि की पूजा-अर्चना हुई। शादी के बाद पहली दीपावली वाले घरों में आणे की परम्परा भी उल्लास के साथ मनाने का क्रम शुरू हो गया। पांच दिवसीय इस उत्सव में मंगलवार को रूपचतुर्दशी मनाई जाएगी। दुल्हन की तरह शहर को सजाया - संवारा गया है। दुकानदारों ने विशेष बिक्री को लेकर अपने प्रतिष्ठान तैयार कर दिए है। वहीं, नगर परिषद ने भी रोशनी के इस महापर्व की अगवानी में गांधी मूर्ति का विशेष शृंगार किया है।
यहां भी फुर्सत नहीं
सर्राफा बाजार में करोड़ों के सोने-चांदी के आभूषणों की रिकॉर्ड बिक्री दिनभर चलती रही। इसके अलावा बर्तनों, कपड़ों, साडिय़ां और रेडिमेड की दुकानों पर भी जमकर खरीदारी हुई। त्यौहार को लेकर रोजी-रोटी के लिए बाहर शहरों में गए अपने लोगों के लौटने का क्रम सोमवार को परवान पर रहा। यहां सुबह से ही अहमदाबाद और मुंबई से आने वाले वाहनों में भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत ज्यादा दिखी। हाल यह थे कि बसों की छतों पर भी सवार होकर सवारियों खूब आ रही थी। आसपास ग्रामीण क्षेत्र के लोग यहीं शहर उतर गए और खरीदारी के बाद गांव लौटे। इस छोटे शहर के शौक भी अब बड़े शहरों से हो गए। बाजार में निम्न दरों की ही नहीं, उच्च दर की कारों की भी काफी बिक्री हुई। वहीं, दुपहिया वाहनों के प्रतिष्ठान सुबह से ही खुल गए और नौ बजे तक तो यहां मेले सा माहौल बन गया था।