
चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में आम मधुमेह रोगियों के लिए वर्जित फल की श्रेणी में है, लेकिन इसके स्वाद का जादू इस कदर सिर चढ़कर बोलता है कि कोई भी इनका लोभ संवरण नहीं कर पाता और इससे रोग बढ़ता ही है, लेकिन अब आम मधुमेह रोगियों को हिचकने और परिजनों से नजरें बचाकर आम खाने की जरूरत नहीं रहेगी। उनके लिए आम की एक नई किस्म 'वनराज' इजाद की गई है।
रसीले और खट्टे
कृषि अनुसंधान केन्द्र बोरवट में आम की यह नस्ल तैयार की गई है। इस सीजन में कुछ मात्रा में इस किस्म के आम लग भी चुके हैं। यह आम अन्य आम की तरह रसीले और खट्टे हैं। पर इनमें मिठास लगभग आधी है।
केन्द्र ने इन आम में शर्करा का प्रतिशत प्रयोगशाला में जांचा। वनराज में 12 फीसदी टीएसएस (टोटल सोलेबल सोल्यूड) पाया गया। अन्य आमों में टीएसएस 20 फीसदी से ज्यादा पाया जाता है। चिकित्सकोंं के अनुसार 10 से 12 फीसदी टीएसएस वाले फलों का सेवन मधुमेह रोगी कर सकते हैं।