बहुचर्चित वनरक्षक पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शनिवार को बाड़मेर के पूर्व कांग्रेसी पार्षद नरेश देव सारण उर्फ एनडी सारण को गिरफ्तार किया।
बांसवाड़ा। बहुचर्चित वनरक्षक पेपर लीक प्रकरण में पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने शनिवार को बाड़मेर के पूर्व कांग्रेसी पार्षद नरेश देव सारण उर्फ एनडी सारण को गिरफ्तार किया।
2020 वनरक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर बांसवाड़ा के राजतलाब थाने में 30 जून,2024 को धोखाधड़ी, जालसाजी के साथ आईटी एक्ट और परीक्षा में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम 2022 के तहत केस दर्ज हुआ था। एसओजी के सूत्रों ने बताया कि 13 नवंबर, 2022 को दोनों पारियों में हुई परीक्षा-2020 का पर्चा आउट करने में लिप्त बाड़मेर निवासी एक आरोपी कंवराराम जाट को पुलिस ने गत 12 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। पूछताछ में उसने एसओजी को बताया कि बाड़मेर का पूर्व पार्षद एनडी सारण का इस मामले में शामिल एक अन्य वांछित जबराराम जाट के संपर्क में था।
सारण ने वनरक्षक भर्ती-2020 का 13 नवंबर,2022 का सॉल्वड पेपर परीक्षा से पहले अपनी कार से 7 अभ्यर्थियों और एक पेपर हेंडलर व चालक के साथ बाड़मेर के निजी बस स्टैण्ड से उदयपुर भेजा था। वहां से आरोपी कंवराराम जाट व वांछित जबराराम जाट के कहने पर इन्हें उदयपुर में सांवलाराम के किराए के मकान पर ले गया। फिर कंवराराम को जबराराम जाट ने मोबाइल पर पेपर सौंपे तो इनके पास मौजूद प्रिन्टर से मोबाइल कनेक्ट कर हाथोंहाथ सॉल्वड पेपर के प्रिंट निकालकर अभ्यर्थियों को पढ़ाए गए। इस पर सारण को धरदबोचा गया।
सारण से अनुसंधान में सामने आया कि उसने हर अभ्यर्थी से परीक्षा में अंतिम रूप से चयन होने पर 6-6 लाख रुपए यानी अपने हेंडलर के जरिए 7 अभ्यर्थियों से कुल 42 लाख रुपए लेना कबूल किया। एसओजी अब सारण से बाड़मेर से उदयपुर पेपर पढ़ने के लिए आए अभ्यर्थियों, हेण्डलर कार और उसके चालक के बारे में पूछताछ में जुटी है। गौरतलब है कि एनडी सारण बाड़मेर के राजकीय महाविद्यालय का छात्र संघ अध्यक्ष भी रह चुका है।