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बांसवाड़ा. घाटोल. घाटोल विधानसभा से गढ़ी विधानसभा को जोडऩे वाले ईसरवाला चाप न दी पर साढ़े आठ करोड़ की लागत से निर्मित किए जाने वाले पुल का शिलान्यास रविवार को किया गया। करीब 40 वर्ष से ग्रामीण इस पुल की मांग करते आ रहे थे और इसे लेकर कई बार राजनीति भी गरमाई। यहां तक कि स्थानीय विधायक नवनीत लाल निनामा ने इस्तीफे तक की भी पेशकर कर दी थी। शिलान्यास समारोह की अध्यक्षता करते हुए सांसद मानशंकर निनामा ने कहा कि मोदी सरकार ने शौचालय इसलिए नहीं बनवाए कि आप उसमें खाद-बीज, लकड़ी, घास भरो बल्कि आप लोग खुले में शौच नहीं जाओ इसलिए बनवाए हैं।
विधायक नवनीत लाल निनामा ने कहा कि उन्होंने पुल निर्माण के लिए बहुत प्रयास किए हैं। इसके निर्माण से लोगों की वर्षो पुरानी मांग पूरी होगी। प्रधान हरेन्द्र निनामा ने पुल निर्माण से आवागमन में सुविधा होने की बात कही। समारोह में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद पंचाल, उपप्रधान ऋषभ शाह, मण्ड़ल अध्यक्ष यद्धुनाथसिहं चुण्ड़ावत, विक्रमसिहं मेड़तिया,कमलेश मेहता, शिवराम मेहता, सेनवासा सरपंच मणिदेवी, मोरड़ी पूर्व सरपचं तारादेवी, लेम्पस अध्यक्ष ईश्वर निनामा भी अतिथि के रूप में शामिल हुए।
यहां विरोध...
स्थानीय जिला परिषद सदस्य नीता कुमारी ने अनावरण पट्टिका पर उनका नाम नहीं होने का विरोध किया एवं समारोह में शामिल नहीं हुईं। प्रधान हरेन्द्र निनामा एवं उपप्रधान ऋ षभ शाह का नाम भी अंतिम समय पर लिखवाया गया।
जय नहीं बोलो तो डूब मरना: रावत
समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री धनसिंह रावत ने कहा कि स्थानीय विधायक नवनीत लाल निनामा ने इस पुल के लिए त्यागपत्र तक लिख दिया था। ऐसे में सभी जय बोलें। हाथ खड़े करके जो जय नहीं बोलेगा वो इस पुल में जाकर डूब मरना। इस पर लोगों ने खूब ठहाके लगाए। रावत ने आरोप लगाया कि पूर्व में हरिदेव जोशी ने इस पुल का निर्माण नहीं होने दिया था।