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VB-GRAMG : राजस्थान सरकार के निर्देश पर जिला परिषद इन दिनों महात्मा गांधी नरेगा योजना में पंजीकृत क्रियाशील श्रमिकों की ई-केवाईसी करने में लगी हुई है, लेकिन मजदूरों के रुचि नहीं दिखाने से ई-केवाईसी का यह लक्ष्य पूरा नहीं हो रहा है। अब विभाग को चिंता सता रही है कि यदि योजना के वीबीजीरामजी में शिफ्ट होने से मजदूरों का ई-केवाईसी नहीं हुआ तो उनके नाम रोजगार पाने वालों की सूची से कट जाएंगे। अब विभाग लगातार इस कार्य में मजदूरों के पीछे लगा हुआ है।
जिला परिषद से मिली जानकारी के अनुसार अभी तक मनरेगा योजना में पंजीकृत मजदूरों की ई-केवाईसी नहीं थी। लेकिन जल्द ही मनरेगा योजना वीबीजीरामजी योजना में परिवर्तित होने जा रही है। सरकार के साफ निर्देश हैं कि नई योजना में उन्हीं मजदूरों को रोजगार दिया जाए, जिनकी ई-केवाईसी हो चुकी है। अब विभाग ब्लॉक स्तर पर ई-केवाईसी करने में जुटा है। जानकारी के अनुसार आगामी सात दिन में ई-केवाईसी को पूरा करना है।
जिला परिषद के अनुसार जिले के सभी 11 ब्लॉक को मिलाकर कुल 85.70 प्रतिशत ई-केवाईसी हो चुकी है। मनरेगा मजदूरों की बात की जाए तो इनकी कुल संख्या 6 लाख 76 हजार 335 है। इनमें से 5 लाख 79 हजार 549 मजदूरों की ई-केवाईसी हुई है, जबकि 96786 मजदूरों की ई-केवाईसी शेष है।
ब्लॉक - कुल मजदूर - ई-केवाईसी पूर्ण मजदूरी
आनंदपुरी - 73626 - 67134
अरथूना - 48051 - 40648
बागीदौरा - 38665 - 32168
बांसवाड़ा - 58695 - 51509
छोटी सरवन - 45582 - 37750
गागड़तलाई - 53054 - 43523
गढी - 75120 - 58747
घाटोल - 108592 - 96996
कुशलगढ़ - 74603 - 65234
सज्जनगढ़ - 61225 - 51306
तलवाड़ा - 39122 - 34534
विकसित भारत-जी राम जी योजना में 100 दिन की बजाय 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी-रोजगार की गारंटी दी गई है। विकसित ग्राम पंचायत प्लान के सभी कार्यों को विकसित भारत नेशनल रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक में एकीकृत किया गया है।
इसमें चार प्रमुख क्षेत्रों जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संबंधी कार्य और मौसमीय घटनाओं से निपटने के उपाय पर विशेष ध्यान दिया गया है। पंचायतों को विकास मानकों के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में बांटा गया है।
Published on:
05 May 2026 09:11 am
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