Banswara Murder Case : खमेरा थानांतर्गत काली मगरी गांव में प्रेम-प्रसंग की शंका के चलते युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने पूछताछ के बाद बुधवार को मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया।
घाटोल (बांसवाड़ा)। खमेरा थानांतर्गत काली मगरी गांव में प्रेम-प्रसंग की शंका के चलते युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने पूछताछ के बाद बुधवार को मुख्य आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया। आरोपी के चचेरे भाई की भूमिका भी सामने आई है, जो फरार है। सोमवार देररात भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के क्षेत्रीय नेता बोरपी केरेंग निवासी अशोक पुत्र केशवलाल निनामा का 28 वर्षीय भाई अनिल काली मगरी गांव में खेत के किनारे झाड़ियों में लहूलुहान मिला था।
अनिल को पहले खमेरा सीएचसी और फिर रेफर करने पर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह अनिल की मौत हो गई। इसे लेकर अशोक ने सूचना देने वाले पीपलखूंट क्षेत्र के सागबारी निवासी प्रकाश पुत्र रामा निनामा, उसकी उसकी पत्नी के भाई टोडी सिमरोल निवासी सिद्धार्थ पुत्र रकमा राणा सहित पांच जनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
एसपी सुधीर जोशी ने बताया कि आरोपी सिद्धार्थ और उसकी पत्नी लक्ष्मी को डिटेन कर पूछताछ की गई। संलिप्तता की पुष्टि पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एक अन्य गणेश राणा शामिल रहा है। उसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार घायलावस्था में पुलिस को दिए बयान में अनिल ने हमलावरों में प्रकाश का जिक्र नहीं किया था, लेकिन एफआईआर में लोकेशन बताने वाले के रूप में उसका नाम आया। फिर प्रकाश खुद लापता होने से संदेह गहराया। यह तथ्य भी सामने आया कि लक्ष्मी से संपर्कों पर पिछले दिनों प्रकाश ने परिवादी अशोक को हिदायत दी थी कि वह अनिल को समझाए। हाथाजोड़ी पर इनमें सुलह भी हुई, लेकिन सोमवार को लक्ष्मी पीहर में होने पर वह फिर पहुंच गया तो तेश में यह घटनाक्रम हो गया।
अब तक की जांच में यह भी सामने आया कि प्रकाश पिछला विधानसभा चुनाव बीएपी के बैनर तले लड़ना चाहता था। उसे नकारकर अशोक को टिकट मिला तो खफा होकर उसने कांग्रेस का दामन थाम लिया। इससे प्रतिद्वंद्विता बढ़ गई और दोनों एक दूसरे को खटकने लगे। फिर अनिल के बारे में जानकारी उसी से मिली तो वह टारगेट बन गया। इधर, अनुसंधान अधिकारी सीआई कोतवाली बुधाराम बिश्नोई ने बताया कि अभी गिरफ्तार दंपती का अलावा गणेश इस केस में शामिल होने की पुष्टि हुई है। उसे ढूंढने टीमें लगाई हैं। अन्य आरोपियों को लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता। जांच जारी है।
सूत्र बताते हैं कि पूछताछ में सिद्धार्थ खुलकर बोल चुका है कि उसने पहले ही कह दिया कि अनिल को मारूंगा या खुद मर जाऊंगा। उसने रूंधे गले से पुलिस को बताया कि मां नहीं रही। पिता भी चल बसे तो अनुकम्पा नियुक्ति से एलडीसी की नौकरी मिलने पर घर की दशा पटरी पर आई। अनिल की हरकतों पर कई बार टोका पर वह बाज नहीं आया। खुलकर भी कह दिया, पर वह पीछे लगा रहा तो उसने यह कदम उठाया।