
Kisan Samman Nidhi : बांसवाड़ा. आवेदन के बाद आया मैसेज, जिसमें मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है (इनसेट)। फोटो पत्रिका - AI
Kisan Samman Nidhi : राजस्थान के बांसवाड़ा के सरेड़ी बड़ी में केन्द्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना में बड़ा पेंच सामने आया है। योजना में व्यापक स्तर पर गड़बड़ियां उजागर होने पर सरकार ने फॉर्मर आइडी का प्रावधान किया, लेकिन यही किसानों के लिए गलफांस बन गया है। स्थिति यह है कि किसान सम्मान निधि जारी करने के लिए उनके 'डेथ सर्टिफिकेट' मांगे जा रहे है, जो जिंदा है।
दरअसल, योजना के तहत अब तक जनाधार के माध्यम से परिवार के महिला मुखिया के बैंक खाते में राशि आ रही थी। पूरे देश में करोड़ों के घोटाले सामने आने पर केन्द्र सरकार ने यूनिक फॉर्मर आइडी के माध्यम से राशि देना तय किया है। यानी जिसके नाम कृषि भूमि है, उसके ही बैंक खाते में ही राशि आएगी। काश्तकार फॉर्मर आइडी बनवाकर किसान सम्मान निधि के पोर्टल पर सबमिट कर रहे हैं। यह आइडी जनाधार से लिंक होने की वजह से 'ऑलरेडी रजिस्टर्ड' बता रहा है। वहीं बैंक डिटेल भी मिस मैच हो रही है और बैंक बदलने का ऑप्शन लेते ही महिला मुखिया का डेथ सर्टिफिकेट मांगा जा रहा है। किसान समस्या समाधान को लेकर पंचायत-तहसील में चक्कर लगा रहे है। पर, मसला सरकार स्तर का होने पर अधिकारी हल नहीं निकाल पा रहे है।
डेढ़ वर्ष से राशि अटक गई है। ई-मित्र संचालक, पटवार घर और तहसील कार्यालय भी नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ रहे है। अब जिंदा औरत को मृत कैसे बताऊं।
रमेश पाटीदार, किसान, बांसवाड़ा
किसानों के सामने आ रही समस्या को उच्चाधिकारियों को जानकारी दी है। पोर्टल सुधार होने के बाद सभी योग्य किसान प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक बदलाव करेंगे, तो राशि वापस आनी शुरू हो जाएगी।
लालशंकर बुनकर, तहसीलदार गढ़ी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-KISAN) भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्रीय योजना है। 1 दिसंबर 2018 से शुरू इस योजना का उद्देश्य भूमि धारक किसान परिवारों की आय बढ़ाना और कृषि निवेश में सहायता प्रदान करना है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष ₹6,000 की आय सहायता तीन समान किश्तों (प्रत्येक ₹2,000) में DBT के माध्यम से सीधे बैंक खाते में दी जाती है। परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चों के रूप में है।
कृषि योग्य भूमि रखने वाले छोटे एवं सीमांत किसान। कुछ श्रेणियां (संवैधानिक पदाधिकारी, उच्च आय वालों, संस्थागत भूमि धारक आदि) को बाहर रखा गया है।यह योजना किसानों को फसल स्वास्थ्य, घरेलू जरूरतें पूरी करने और आर्थिक मजबूती देती है। पंजीकरण pmkisan.gov.in पर होता है।
Published on:
15 Jun 2026 07:20 am
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