
Banswara News : बांसवाड़ा में वागड़ क्षेत्र में पर्यटन को आकर्षित करने के लिए सरदार शहर की तर्ज पर माही बांध एवं चाचा कोटा के आसपास टूरिस्ट स्पॉट बनाने सहित वाटर टूरिज्म की गतिविधियां संचालित की जाएगी। इसकी कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया है। यह बात टूरिज्म राजस्थान वाटरग्रिड कॉपरेशन लिमिटेड (आरडब्ल्यूजीसीएल) के मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता ने बांध क्षेत्र विकास योजना की जिला स्तरीय समिति की द्वितीय बैठक में कही। उन्होंने कहा कि माही बांध के जलभराव क्षमता (एफटीएल) से 1 किमी दूरी की परिधि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकास कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में ट्राइबल होम स्टे, ईको टूरिज्म, वाटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर टूरिज्म, माही महोत्सव और 24 से 72 घंटे के पर्यटन सर्किट विकसित करने के प्रस्तावों पर चर्चा की गई।
बैठक में संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी ने कहा कि माही बांध क्षेत्र में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं। इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा वागड़ क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने संबंधित विभागों को समन्व्य के साथ समयबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्य वन संरक्षक अभिषेक शर्मा ने बताया कि बांसवाड़ा में पर्यटन विकसित करने के लिए चाचाकोटा एवं आनंद सागर वन क्षेत्र का चिन्हीकरण किया गया है। इसके अलावा जगमेरू हिल्स पर श्रीराम वाटिका का प्रस्ताव भी कार्यालय को भेजा गया है।
बैठक में पर्यटन विकास के लिए संभावित स्थलों की पहचान, जीआइएस आधारित भूमि सर्वे, आधारभूत पर्यटन सुविधाओं के विकास तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने पर भी चर्चा की गई। बैठक में जिला कलक्टर इन्द्रजीत यादव, मुख्य अभियंता देवी सिंह बेनीवाल, अधीक्षण अभियंता आर.सी. मीणा, अधिशासी अभियंता अनिल कलासुआ, सहायक अभियंता प्रिंसराज सिंह सिसोदिया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िले में स्थित चाचा कोटा क्षेत्र बेहद खूबसूरत, हरा-भरा पर्यटन स्थल है। यह 'सौ टापुओं के शहर' बांसवाड़ा से मात्र 15 किमी दूर माही नदी के बैकवाटर से बने टापुओं और मनोरम प्राकृतिक दृश्यों के लिए जाना जाता है। चाचा कोटा क्षेत्र में माही बांध के पानी से घिरे हुए छोटे-बड़े कई प्राकृतिक द्वीप हैं, यह नजारा इस क्षेत्र को बेहद खूबसूरत बनाता है। बारिश के मौसम में यह पूरा क्षेत्र हरी-भरी वादियों और बादलों से घिर जाता है। कोई यह अंदाजा भी नहीं लगा सकता है कि राजस्थान में ऐसा भी क्षेत्र होगा। फोटोग्राफी और शांतिप्रिय यात्रियों के लिए यह स्वर्ग जैसा है। मुख्य शहरों की भीड़-भाड़ से दूर होने के कारण यहां गांव की सादगी और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। पर्यटक यहां बोटिंग और एडवेंचर का आनंद भी ले सकते हैं।