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Pachpadra Refinery : 13 साल में 42,000 करोड़ से ज्यादा बढ़ी लागत, इसमें तो बन जाती ‘2’ रिफाइनरी, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Pachpadra Refinery : पीएम मोदी 4 जुलाई को पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। 13 साल में 42 हजार करोड़ से ज्यादा लागत बढ़ी। जानकर आश्चर्य होगा अगर समय पर काम पूरा हो जाता तो इस लागत में 'दो' रिफाइनरी बन जाती। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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सुनील सिंह सिसोदिया

Jul 03, 2026

PM Modi Balotra Pachpadra 4 July launch this cost built 2 Refinery read full report

Pachpadra Refinery : पीएम मोदी 4 जुलाई को पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। फोटो पत्रिका

Pachpadra Refinery Update :राजस्थान की सबसे बड़ी औद्योगिक परियोजना पचपदरा रिफाइनरी की सौगात 4 जुलाई को मिलने जा रही है, लेकिन लागत में बढ़ोतरी और प्रोजेक्ट में देरी के चलते करीब डेढ़ दशक तक सियासी चर्चा में रही इस परियोजना पर अब सरकार ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। वर्ष 2013 में अनुमानित लागत 37,229 करोड़ थी, जो 2025 में करीब दोगुनी होकर 79,459 करोड़ हो गई है। यानी समय पर काम होता तो इस लागत में दो रिफाइनरी बनकर तैयार हो सकती थीं।

आखिर रिफाइनरी की लागत दोगुनी क्यों हुई और इसका निर्माण समय पर क्यों पूरा नहीं हो सका। इसको लेकर सरकार ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार रही हो या भाजपा, रिफाइनरी हमेशा राजनीतिक बहस के केंद्र में रही। हर सरकार ने कभी इसकी लागत और वित्तीय ढांचे पर सवाल उठाए तो कभी इसे अपनी उपलब्धियों में गिनाया। अब आखिरकार एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (एचआरआरएल) के व्यावसायिक उत्पादन की शुरुआत होने जा रही है। 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।

साल दर साल बदलते रहे एमओयू

कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2013 में एचपीसीएल और राज्य सरकार के बीच हुए मूल एमओयू के समय रिफाइनरी की अनुमानित लागत 37.229 करोड़ रुपए थी। इसके बाद राज्य में भाजपा सरकार आने पर वर्ष 2017 में परियोजना के कॉन्फिग्रेशन को यूरो-3/4 से अपग्रेड कर बीएस-6 मानकों के अनुरूप किया गया और संशोधित एमओयू किया गया। इस बदलाव के साथ परियोजना की लागत बढ़कर 43,129 करोड़ रुपए पहुंच गई। यानी केवल तकनीकी उन्नयन और वित्तीय पुनर्सरचना के कारण ही करीब 5,900 करोड़ रुपए की अतिरिक्त लागत जुड़ गई।

फिर दो बार संशोधित प्रस्ताव : एचआरआरएल ने अगस्त 2021 में पहली बार लागत संशोधन का प्रस्ताव भेजा, जिसमें परियोजना की लागत 43,129 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 72,937 करोड़ रुपए आंकी गई। जून 2023 में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। इसके बाद जुलाई 2025 में दूसरा संशोधित प्रस्ताव आया और लागत बढ़कर 79,459 करोड़ रुपए पहुंच गई। इस तरह वर्ष 2017 के बाद परियोजना में 36,330 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वृद्धि दर्ज की गई।

6000 करोड़ मिलेंगे VAT और GST से : रिफाइनरी शुरू होने के बाद राज्य को वैट और जीएसटी के माध्यम से प्रतिवर्ष 5,000 से 6,000 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का अनुमान है। इसके अलावा सरकार को 26 फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी के अनुपात में लाभांश भी प्राप्त होगा।

पीएम कल, पेट्रोलियम मंत्री आज आएंगे

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को रिफाइनरी का लोकार्पण करेंगे। वे सुबह 10.45 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे, जहां नई टर्मिनल बिल्डिंग का उद्घाटन के बाद रिफाइनरी के लिए रवाना होंगे। वे रिफाइनरी लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। वहीं, केन्द्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीपसिंह पुरी शुक्रवार को जोधपुर आएंगे।

लागत बढ़ने के कारण

1- रुपए की स्थिति कमजोर होने से बढ़ी लागत : 1,011 करोड़
2- कर व्यवस्था (जीएसटी) में बदलाव से बढ़ी लागत : 1,751 करोड़
3- पेट्रोकेमिकल उत्पादों में 14% बढ़ोतरी और पायलिंग में बदलाव से बढ़ी लागत : 11,395 करोड़4- सीमेंट, स्टील, मजदूरी और अन्य इनपुट कॉस्ट बढ़ने से लागत में वृद्धि : 15,651 करोड़
5- बैंकों से लिए गए ऋण पर निर्माण अवधि बढ़ने के कारण ब्याज एवं वित्तीय भार में भी वृद्धि।

प्रोजेक्ट में देरी की वजह

1- यूरो-3/4 से बीएस-6 डिजाइन में अपग्रेडेशन ।
2- परियोजना की वित्तीय पुनर्संरचना और नए समझौते।
3- कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान निर्माण कार्य रुकना।
4- निर्माण कर रही दो कंपनियों की वित्तीय स्थिति कमजोर होना।
5- श्रमिकों का पलायन और खराब मौसम और निर्माण अवधि का बढ़ना।
6- कई टेंडरों का निरस्त होना।