बांसवाड़ा

#राजस्थान_का_रण : बांसवाड़ा के इस दिग्गज नेता से हार रही कोसों दूर, लगातार 10 बार जीते विधानसभा चुनाव, तीन बार बने मुख्यमंत्री

www.patrika.com/banswara-news

2 min read
#राजस्थान_का_रण : बांसवाड़ा के इस दिग्गज नेता से हार रही कोसों दूर, लगातार 10 बार जीते विधानसभा चुनाव, तीन बार बने मुख्यमंत्री

राजस्थान का रण : बांसवाड़ा के इस दिग्गज नेता से हार रही कोसों दूर, लगातार 10 बार जीते विधानसभा चुनाव, तीन बार बने मुख्यमंत्री
मृदुल पुरोहित. बांसवाड़ा. राजनीति में राजनीतिक दलों और नेताओं की सबसे बड़ी परीक्षा जनता का विश्वास जीतने की होती है। वर्तमान दौर में इस परीक्षा में राजनीतिक दलों से जुड़े अधिकांश राजनीतिज्ञ अनुत्तीर्ण ही हो जाते हैं, लेकिन आदिवासी बहुल बांसवाड़ा जिले में कुछ राजनेता ऐसे भी हुए हैं, जिन्होंने जनता का ऐसा विश्वास जीता कि ‘हार’ उनसे कोसों दूर रही। इन राजनेताओं में स्व. हरिदेव जोशी ने लगातार दस बार जीत दर्ज कर रिकार्ड स्थापित किया, जो अब तक नहीं टूट पाया है।

जोशी का अटूट कीर्तिमान
तीन बार मुख्यमंत्री रहे स्व. हरिदेव जोशी लगातार दस विधानसभा चुनाव जीतने वाले प्रदेश के एकमात्र विधायक रहे। उन्होंने पहला चुनाव डूंगरपुर सामान्य सीट से 1952 में जीता। इसके बाद 1957 और 1962 में वे घाटोल सीट से चुनाव लड़े और जीत हासिल की। इसके बाद 1967 से लेकर 1993 तक वे बांसवाड़ा सीट से लगातार सात बार विधायक चुने गए।

ये भी पढ़ें

राजस्थान का रण : आप अब भी लोकतंत्र के महापर्व में करा सकते हैं भागीदारी, इस तारीख से पहले मतदाता सूची में जुड़वाएं नाम

सूज गए पांव...
वयोवृद्ध कांगे्रस कार्यकर्ता बताते हैं कि 1977 की कांग्रेस विरोधी लहर में बांसवाड़ा में भी कई कार्यकर्ताओं ने हरिदेव जोशी को चुनाव नहीं लडऩे की सलाह दी थी। उस समय जोशी ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में चुनाव नहीं लडऩे से कार्यकर्ता निराश हो जाएगा। जनता पर उन्हें भरोसा है। चुनाव में हरिदेव जोशी गांव-गांव पैदल घूमकर जन संपर्क करते। शाम होते-होते उनके पैर सूज जाते थे। गांव-गांव, गली-गली में जोशी को पैदल देखकर महिलाएं उनकी बलाइयां लेती। अंतत: वे विजयी रहे।

यह भी पीछे नहीं
बांसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ सीट पर सर्वाधिक छह बार फतेहसिंह विधायक बने। 1980 में वे लोकदल के टिकट पर विधायक बने। इसके बार 1990 से लेकर 2008 तक हुए पांच विधानसभा चुनाव में फतेहसिंह ने जनता दल के प्रत्याशी के रूप में लगातार जीत हासिल की। हालांकि 2013 के चुनाव में हार के चलते वे लगातार छठी बार विधायक नहीं बन पाए।

ये भी पढ़ें

CG Election 2018: कांग्रेस के सूरमा का पाटन राजधानी के पास, मगर विकास से कोसों दूर
Updated on:
18 Oct 2018 03:11 pm
Published on:
18 Oct 2018 03:08 pm
Also Read
View All