बांसवाड़ा

बांसवाड़ा: मुफ्त की दावत पड़ी महंगी, दूषित भोजन खाने से चौदह जने उल्टी-दस्त के शिकार

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बांसवाड़ा: मुफ्त की दावत पड़ी महंगी, दूषित भोजन खाने से चौदह जने उल्टी-दस्त के शिकार


बांसवाड़ा. आबापुरा तहसील की बारिया ग्राम पंचायत के पाचोर गांव में बुधवार को तीन घरों के नौ बच्चों सहित चौदह जनेउल्टी दस्त के शिकार हो गए, जिन्हें महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में मंगलवार रात एक घर में सामूहिक भोजन था, जहां दाल-चावल सभी ने खाए थे। वहीं माही बैक वाटर का पानी पीने की भी बात कही। इससे भोजन के दूषित होने को लेकर प्रथम दृष्टया संदेह है। हालांकि तीन ही परिवार के लोगों को पीडि़त होने से उक्त मामले में रात का बचा खाना सुबह उपयोग करना भी हो सकता है, जिससे समस्या हुई। फिलहाल बीमारी के कारण पड़ताल जारी है। इधर, मणि ने बताया कि उसकी दो बेटियों, एक बेटे के साथ ही वह और उसके पति रकमा उल्टी दस्त से पीडि़त हैं पति के अलावा वह भर्ती हैं। इसी प्रकार शंकर के घर से भी उसकी पत्नी और चार बच्चों सहित पूरा घर पीडि़त है।

पत्रिका पड़ताल: अंधविश्वास की फांस
बांसवाड़ा. इधर, पत्रिका पड़ताल में सामने आया कि गांव में एक दिन पूर्व कराया गया भोज, जिसे खाकर बीमार होने की बात आ रही है वह अंधविश्वास की ही उपज था। पाचोर गांव निवासी कचरु डोडियार ने बताया कि गांव के एक युवक की पत्नी की तबीयत खराब रहती थी। चिकित्सकों से उपचार के बजाए वह पत्नी को भोपे के पास ले गया। कई दिनों तक उपचार के बाद भी ठीक नहीं होने पर भोपे ने युवक को सामूहिक भोज कराने की बात कही। इस कारण ही भोज रखा गया। जिले में ग्रामीणों के अंधविश्वास से जकड़े होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व उपचार के नाम पर बच्चों को गर्म सलाख से दागने व भोपों के चंगुल में आने के मामले सामने आए हैंै। बावजूद इस पर कार्रवाई के लिए ठोस प्रयास नहीं हो रहे हैं।

ये हुए बीमार
गोती पत्नी धीरजी (50), संतु पत्नी शंकर(30), मोहन पुत्र धारजी (40), मणि पत्नी रकमा( 30), कमलेश पुत्र कांति( 18) बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हुए। मयूर पुत्र शंकर(3), मंजू पुत्री मोहन (7), सायना पुत्री मोहन(5), माइनोर पुत्री शंकर (4), बापूलाल पुत्र शंकर (5), काली पुत्री शंकर (7), बन्टू पुत्र रकमा (7), वसुंधरा पुत्री रकमा (5), सपना पुत्री रकमा (12) बीमार होने से अस्पताल में भर्ती हैं।

कारण स्पष्ट नहीं
मामले की पड़ताल को लेकर चिकित्सा विभाग की टीम ने दरेशाम गांव पहुंच जानकारी जुटाने के प्रयास किए। लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहे हैं।
डॉ. पृथ्वीराज मीणा, सीएमएचओ, बांसवाड़ा

Published on:
27 Sept 2018 03:54 pm
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