बांसवाड़ा

Banswara News : हमीरपुरा बड़ा पंचायत के विकास कार्यों में मिली भारी अनियमितता, पुलिस की जांच जारी

Banswar News : हमीरपुरा बड़ा पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता का बड़ा मामला। अभी पुलिस की जांच जारी है।

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Banswar News : बांसवाड़ा के बागीदौरा ब्लॉक के हमीरपुरा बड़ा पंचायत में बिना काम के सरकारी खजाने से लाखों रुपए उठाने के प्रकरण में एफआईआर के बाद पुलिस के दबाव पर दो साल का बकाया रेकॉर्ड अब सामने आया है। अभी पुलिस की जांच जारी है, लेकिन इससे आगे करीब एक करोड़ के अन्य अनियमित भुगतान से पर्दा उठने के आसार हैं। मामले में फरवरी, 2020 से मार्च, 2024 तक हमीपुरा बड़ा में ग्राम विकास अधिकारी रहते नरेश गर्ग ने सरपंच राकेश रावत से मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां की थी। इसकी शिकायत पर जिला परिषद सीईओ ने जांच कमेटी बनाकर भेजी तो लंबी कवायद के बाद भी गर्ग ने दो साल का रेकॉर्ड ही उपलब्ध करवाया। इसमें भी सामुदायिक भवन, पंचायत की चारदीवारी और सडक़ निर्माण के तीन कार्य ऐसे रेकॉर्ड पर आए, जिनमें मौके पर एक धैले का काम नहीं दिखा, जबकि 11. 28 लाख रुपए व्यय होना बता दिया गया। इसके साथ ही रेकॉर्ड पर 39 विभिन्न निर्माण कार्यों की एवज में 95.84 लाख का भुगतान होना बताया गया, जबकि इनका मूल्यांकन सक्षम तकनीकी अधिकारी से हुआ ही नहीं था।

पुलिस के सामने नया पेंच, फिर करवा रहे विभागीय जांच

दो साल का रेकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस के सामने तकनीकी जांच का पेंच आ गया। इस पर जिला परिषद से एक और कमेटी गठित कर इस रेकॉर्ड की जांच करवाई जा रही है, जिससे स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो। प्रकरण में अधिकारी 2024 के इस चर्चित प्रकरण में अब तक सत कार्रवाई से टल रहे हैं।

अब सौंपा बाकी रिकॉर्ड

जांच दल ने वर्ष 2022-23 और 2023-24 का रेकॉर्ड भी मांगा पर वीडीओ और सरपंच टालते रहे। आखिर 28 अगस्त को वीडीओ को निलंबित कर रिकवरी करने और कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। फिर रिकवरी भी नहीं हुई तो अक्टूबर में तत्कालीन बीडीओ ने कलिंजरा थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। जांच डीएसपी बागीदौरा को सौंपने पर पुलिस ने दबाव बनाया तो अब बचा रेकॉर्ड सौंपा गया है।

हर काम में उठाए पैसे, श्रमिकों को 25 लाख देना बाकी

विभागीय रेकॉर्ड के अनुसार 2020-21 में 5, 21-22 में 31, 2022-23 में 5, और 2024-25 में 3 कार्य पंचायत ने करवाने बताए, लेकिन हर काम में वित्तीय अनियमितता कर पैसा उठा। 32 निर्माण कार्यों पर श्रमिकों का नियोजित बताया गया। मस्टररोल भी जारी हुए और श्रमिकों की उपस्थिति भी बताई गई, लेकिन करीब 25 लाख का भुगतान नहीं किया गया। इस हिसाब से चारों वर्षों की गड़बड़ियों से पर्दा उठने पर मामला एक करोड़ से ज्यादा का होने की संभावना है।

निष्फल व्यय की हकीकत सामने लाएंगे

इस मामले में एफआईआर पर पुलिस की ओर से तकनीकी जांच के लिए मदद मांगी है। कनिष्ठ एवं सहायक अभियंताओं और दो लेखाधिकारियों को शामिल कर नौ सदस्यीय टीम बनाकर जिम्मा सौंपा है, जो भौतिक सत्यापन कर निष्फल व्यय की हकीकत सामने लाएंगे।
कैलाशचंद्र बसेर, कार्यवाहक सीईओ, जिला परिषद

प्रकरण में पुलिस को रेकॉर्ड मिला

प्रकरण में पुलिस को रेकॉर्ड मिल गया है। मामला तकनीकी होने से पूरे नतीजे तक पहुंचने में समय लगेगा।
दीपसिंह, पुलिस उप अधीक्षक, बागीदौरा

Published on:
31 Dec 2024 07:02 pm
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