Banswara : पेट्रोल कंपनियों ने वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने की सीमा का निर्धारण करते हुए मौखिक निर्देश जारी किया है। इन निर्देशों को कुछ पेट्रोल पंपों ने चस्पा कर दिया है। जिसके बाद हंगामा मच गया है।
Banswara : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से हाल में पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने की नसीहत के राजस्थान के आदिवासी शहर बांसवाड़ा में हंमामा मच गया है। वजह है कि पेट्रोल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की सीमा निर्धारित कर दी है। जिसका मौखिक निर्देश जारी किया। इस पर कुछ पेट्रोल पंपों ने इस अपने पम्पों पर लिखकर चस्पा कर दिया है। पम्पों पर अब हंगामा मच गया है।
पीएम मोदी की ओर से हाल में पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करने की नसीहत के बाद पेट्रोल कंपनियों ने भी वाहनों को पेट्रोल-डीजल देने की एक सीमा का निर्धारण करते हुए मौखिक निर्देश जारी कर दिए हैं। इन मौखिक निर्देशों को कुछ पेट्रोल पंपों ने पंपों पर चस्पा भी कर दिया है, लेकिन आदेशों के बाद वाहन चालकों में आपाधापी मची हुई है और वे पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने की बजाय अधिक से अधिक भरवाने की कोशिश में लगे हैं और अधिक पेट्रोल नहीं देने पर झगड़ा करने पर उतारू हो रहे हैं। दूसरी ओर पंप चालकों को अब जरूरत के मुताबिक पेट्रोल-डीजल समय पर नहीं मिल रहा है। पहले जो गाड़ियां तुरंत भर जाती थी। अब पैसा जमा कराने 2-3 दिन बाद भी टैंकर नहीं मिल रहे हैं।
वर्तमान में पेट्रोल पंप कंपनियों ने पंप चालकों को वाहन में पांच हजार से ज्यादा अथवा 45 लीटर से अधिक पेट्रोल नहीं देने के निर्देश हैं। इसके साथ ही डीजल वाहनों को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं देना है। पंपों ने खुला पेट्रोल पंप देना भी बंद कर दिया है। लेकिन इन मौखिक निर्देशों से कहीं भी अधिक पेट्रोल-डीजल लेने पर अंकुश लगता नहीं दिख रहा है। कई लोग अलग-अलग पंपों पर जाकर पेट्रोल-डीजल भरा रहे हैं।
मौखिक निर्देशों से अस्पष्टता पंप कंपनियों की ओर से निकाले गए मौखिक आदेशों के बाद लोग आदेश दिखाने की बात कहते हैं और नहीं दिखाने पर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। कंपनियों को लिखित आदेश निकालने चाहिए। इसके अलावा इसके साथ ही पंपों पर सप्लाई भी कम आ रही है।
हरीश कलाल, अध्यक्ष, बांसवाड़ा जिला पेट्रोल पंप एसोसिएशन
140 से 150 पंप हैं जिले में
01 हजार लीटर कम से कम एक पेट्रोल पंप पर बिक्री
2 हजार लीटर डीजल की बिक्री अमूमन प्रत्येक पेट्रोल पंप पर।