Rajasthan Budget Banswara: राज्य सरकार की ओर से बुधवार को पेश तीसरे बजट में बांसवाड़ा जिले को कई सौगातें मिलीं, जिनमें खेल, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
बांसवाड़ा। राज्य सरकार की ओर से बुधवार को पेश तीसरे बजट में बांसवाड़ा जिले को कई सौगातें मिलीं, जिनमें खेल, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सबसे बड़ी घोषणा अनास नदी के व्यर्थ बहकर जा रहे अधिशेष जल के संचयन एवं भंडारण को लेकर है। सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे के लिए आसान ऋण सुविधा और प्रशिक्षण की घोषणा की। इससे खासकर बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के जनजातीय अंचल में पर्यटन को लाभ मिलेगा और आदिवासी परिवार आर्थिक तरक्की कर पाएंगे।
कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जिनसे जनजातीय युवकों को रोजगार व स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इसमें आंवला, शहद, इमली, महुआ आदि उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए बांसवाड़ा व उदयपुर जिला मुख्यालयों पर माइनर फोरेस्ट प्रोड्यूस प्रोसेसिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा अहम है।
भड़केश्वर (गढ़ी) बांसवाड़ा में पर्यटन संबंधी सुविधाओं का विकास होगा। मुर्गीपालन व गोशाला संवर्द्धन के लिए सरकार ने बांसवाड़ा व डूंगरपुर को शामिल करते हुए हैचरी, कोल्ड स्टोरेज एवं प्रोसेसिंग एमआईटी की सुविधायुक्त बैक यार्ड पॉल्ट्री के लिए 35 क्लस्टर महिलाओं के शक्ति पोल्ट्री समूह के माध्यम से स्थापित करने की घोषणा की है।
इसमें प्रति क्लस्टर 10 लाख रुपए के अनुदान का प्रावधान रखा है, जिससे जनजातीय क्षेत्र की महिलाओं के स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे। टूरिज्म के लिए हाई इम्पैक्ट स्ट्रक्चर निर्माण और होम स्टे के लिए लोन और प्रशिक्षण से भी हमारे आदिवासी अंचल को बड़ा फायदा मिलेगा।