पत्रिका ने ‘266 रुपए में यूरिया नहीं, 320 में कितना भी लो’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन और कृषि विभाग हरकत में आया।
टीम पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित ट्रेडर्स पर पहुंची। मौजूद किसानों से बात की। ऐसे में कोटड़ा निवासी किसान संपत मईड़ा व अन्य ने बताया कि उन्होंने 340 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से यूरिया खरीदा है। टीम के अधिकारियों ने तुरंत मौके पर मौजूद दुकानदार को पाबंद किया। साथ ही उस समय दुकान में भरे 140 बोरी यूरिया को अपने सामने खड़े रह कर सरकारी दर 266.50 रुपए प्रति बोरी के हिसाब से बिकवाया।
टीम ने शहर और तेजपुर के साथ ही कई अन्य स्थान पर जांच की। अन्य दुकानों पर यूरिया खत्म हो चुका था और किसान भी नहीं मिले। इस टीम में सहायक निदेशक कृषि प्रीतम बामनिया, उर्वरक निरीक्षक मनीषा मीणा और उर्वरक निरीक्षक भावना डोडियार शामिल रहे।
गौरतलब है कि पत्रिका ने ‘266 रुपए में यूरिया नहीं, 320 में कितना भी लो’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद प्रशासन और कृषि विभाग हरकत में आया। कलक्टर डॉ. इंद्रजीत सिंह यादव ने इस मामले में संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. दलीप सिंह को दिशा निर्देश जारी किए। इसके बाद सिंह ने तीन सदस्यीय टीम का गठन किया।
संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार डॉ. दलीप सिंह ने बताया कि विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में बताया गया है कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी को निगरानी रखें। साथ ही समय समय पर इसकी रिपोर्ट भेजनी है कि उनके क्षेत्र में यूरिया की स्थिति कैसी है ? सभी को पाबंद किया है कि सरकार की ओर से तय दर से अधिक पर यूरिया बेचा जाता है तो संबंध की तुरंत रिपोर्ट भेजी जाए।