बांसवाड़ा

राजस्थान के 77 में 59 हाइवे से 50% फीसदी हरियाली ‘गायब’, सैटेलाइट ऑडिट में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर

परिवहन को रफ्तार देने के लिए बनाए राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से हरियाली ‘गायब’ है। राजस्थान में पिछले एक दशक में हाइवे निर्माण के लिए लाखों पेड़ काटे गए, मगर पेड़ों के नाम पर डिवाइडर और किनारों पर पौधे पनपाए।
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Updated: 26 Oct 2026, 8:13 AM IST
Rajasthan Highways
नेशनल हाइवे 754 (फोटो: पत्रिका)

जितेंद्र पालीवाल

बांसवाड़ा। परिवहन को रफ्तार देने के लिए बनाए राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारों से हरियाली ‘गायब’ है। राजस्थान में पिछले एक दशक में हाइवे निर्माण के लिए लाखों पेड़ काटे गए, मगर पेड़ों के नाम पर डिवाइडर और किनारों पर पौधे पनपाए। राज्य के 77 में से 59 हाइवे पर 50 फीसदी भी हरियाली नहीं है। इन हालात का खुलासा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से पहली बार सैटेलाइट आधारित वैज्ञानिक आकलन में हुआ है।

एनएचएआइ और राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (एनआरएससी) की एनएच-जीसीआइ रिपोर्ट में राज्य के 77 प्रोजेक्ट और 6069.78 किमी राष्ट्रीय राजमार्गों को शामिल किया गया। रिपोर्ट में राजस्थान का औसत एवेन्यू जीसीआइ (हरित आवरण सूचकांक) 40.72 प्रतिशत दर्ज हुआ। खास बात यह है कि 77 में से 59 प्रोजेक्ट यानी 76.6 प्रतिशत में हरित आवरण 50 प्रतिशत से कम मिला। इनमें चार प्रोजेक्ट 25 प्रतिशत से भी नीचे हैं। राज्य का औसत एलएचएस यानी सडक़ के बाएं हिस्से का जीसीआइ 40.99 प्रतिशत, जबकि आरएचएस यानी दाएं हिस्से का औसत 40.45 प्रतिशत है।

हनुमानगढ़ में सबसे कम हरियाली

सबसे कम एवेन्यू जीसीआइ एनएच-754 परियोजना में हनुमानगढ़ क्षेत्र में 16.88 प्रतिशत दर्ज हुआ। इसके बाद जयपुर की एनएच-52 परियोजना में 16.94 प्रतिशत और जयपुर की एनएच-48 परियोजना में 21.46 प्रतिशत हरियाली पाई गई।

जोधपुर की एक सड़क पर 71 फीसदी हरित आवरण

एनएच-754 के जोधपुर वाले हिस्से में एवेन्यू जीसीआई 71.73 प्रतिशत रहा, जो राज्य में सबसे अधिक है। यहां सडक़ के बाएं हिस्से का जीसीआई 61.99 और दाएं हिस्से का 78.69 प्रतिशत दर्ज हुआ।

प्रोजेक्टवार हरियाली की स्थिति

हरित आवरण (%)प्रोजेक्ट की संख्याप्रतिशत
0–25%45.2%
25–50%5571.4%
50–75%1823.4%
75–100%00%
कुल77100%

हरियाली का न्यूनतम मानक नहीं

रिपोर्ट का पहला आकलन चक्र जुलाई से दिसंबर, 2024 के उपग्रह आंकड़ों के आधार पर किया गया। हालांकि हाइवे किनारों पर पौधरोपण और हरियाली का कोई सरकारी स्तर का न्यूनतम मानक तय नहीं है।

50 फीसदी से भी कम हरियाली वाले हाइवे

परियोजना/जिलाहाईवेलंबाईएवेन्यू जीसीआई
हनुमानगढ़NH-75424.30 किमी16.88%
जयपुरNH-5245.63 किमी16.94%
जयपुरNH-48161.12 किमी21.46%
सवाई माधोपुरNH-428.21 किमी23.14%
कोटाNH-426.42 किमी27.49%

इसरो की मदद से किया आकलन

24 राज्यों में देश का पहला राष्ट्रीय राजमार्ग हरित आवरण सूचकांक आकलन एनएचएआइ ने एनआरएससी और इसरो की मदद से किया।
30 हजार किमी राष्ट्रीय राजमार्गों का आकलन सैटेलाइट के जरिये किया गया।

क्या है जीसीआइ?

हरित आवरण सूचकांक पेड़ों की संख्या नहीं, बल्कि राजमार्ग के राइट ऑफ-वे क्षेत्र में मौजूद हरित आवरण को सैटेलाइट आधारित आकलन में सामने प्रदर्शित हरित पट्टिका है। पेड़ों का घनत्व कम या ज्यादा भी हो सकता है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियां, वर्षा, मिट्टी और पानी की उपलब्धता भी हरित आवरण की स्थिति के लिए जिम्मेदार है।

Updated on:
26 Oct 2026, 8:13 AM IST
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