बांसवाड़ा

Rajasthan Irrigation : अब कम्प्यूटर बताएगा सिंचाई के लिए कहां कितना देना है पानी? जानें कैसे

Rajasthan Irrigation : जल्द ही बांसवाड़ा के गांवाें में कम्प्यूटर तकनीक पर आधारित स्काडा सिस्टम से सिंचाई को पानी मिलेगा।

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फोटो पत्रिका

Rajasthan Irrigation : जल्द ही बांसवाड़ा के गांवाें में कम्प्यूटर तकनीक पर आधारित स्काडा सिस्टम से सिंचाई को पानी मिलेगा। इस योजना के तहत 5127 हेक्टेयर क्षेत्र के 24 गांवों में सिंचाई होगी। इस तकनीक से कंट्रोल रूम से कम्प्यूटर के माध्यम से सिंचाई की मॉनिटरिंग व जल प्रबंधन किया जा सकेगा। साथ ही पानी की मात्रा और दवाब कितना आदि की जानकारी हो सकेगी।

जल संसाधन संभाग बांसवाड़ा के मुख्य अभियंता देवीसिंह बेनीवाल ने बुधवार को पीपलखूंट हाई लेवल कैनाल परियोजना का निरीक्षण किया। अधिशाषी अभियंता जितेंद्र कुमार मीना ने उन्हें परियोजना से संबंधित जानकारी दी। साथ ही बताया कि परियोजना के उत्कृष्ट संचालन के लिए स्काडा सिस्टम तकनीक का उपयोग किया जाएगा। यहां सोलर प्लांट का कार्य प्रगति पर है, जिससे विद्युत खर्च में कमी आएगी।

मुख्य अभियंता देवीसिंह बेनीवाल ने गुणवत्ता और समय सीमा पर विशेष जोर देते हुए, पूर्ण होने के समीप डिग्गियों की शीघ्र टेस्टिंग और आगामी रबी फसल के लिए संपूर्ण कमांड क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता मानकों के पालन, सामग्री जांच और कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों तथा श्रमिक सुविधाओं पर भी अधिकारियों को निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता प्रकाशचंद रेगर, सहायक अभियंता मयंक पाटीदार, कनिष्ठ अभियंता नकुल जोशी सहित कार्यकारी एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

माही बांध से मिलेगा प्रतापगढ़ को पानी

जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता प्रकाशचंद ने बताया कि परियोजना के तहत प्रतापगढ़ जिले के पीपलखूंट, धरियावद और सुहागपुरा तहसील के 24 गांवों के 5127 हेक्टेयर नॉन कमांड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। माही बांध से पाइप के माध्यम से टामटिया, नलदा, बोरी, मोरवानिया, जेठलिया, कुमारी एवं हजारीगुड़ा में निर्माणाधीन सात डिग्गियों में जल आवर्तन कर पंप व पाइपलाइन नेटवर्क से लिफ्ट कर नक्कों से जल उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, यह परियोजना प्रतापगढ़, उदयपुर, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिले के लगभग 2453 गांवों में पेयजल सुविधा भी प्रदान करेगी। इसमें माही बांध के डूब क्षेत्र में पंप स्टेशन निर्माण कर पाइप से जल को झोलर में निर्माणाधीन इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन तक लिफ्ट किया जाएगा, जिसके उपरांत इसे गांव नकोड़ में स्थित पीएचईडी के पंप स्टेशन और गांव हरमारा की रेल में प्रस्तावित पीएचईडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर आवर्तित किया जाएगा।

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Updated on:
09 Apr 2026 03:02 pm
Published on:
09 Apr 2026 03:01 pm
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