डमी अभ्यर्थी मामले में पुलिस की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी कुशलगढ़ निवासी सकन सिंह खड़िया फर्जीवाड़ा कर अब तक 53 लोगों को सरकारी नौकरी पर लगवा चुका है।
बांसवाड़ा। डमी अभ्यर्थी मामले में परतें उधड़ रही हैं। पुलिस की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपी कुशलगढ़ निवासी 50 वर्षीय सकन सिंह खड़िया फर्जीवाड़ा कर अब तक 53 लोगों को सरकारी नौकरी पर लगवा चुका है। इसमें उसका बेटा भी शामिल है, जिसकी जगह भी डमी अभ्यर्थी बैठा था।
राजस्थान पुलिस को उसकी तलाश है। आरोपी सकन पुलिस कस्टडी में है। इस दौरान बांसवाड़ा के 6 थानों की पुलिस के साथ ही 2 डीएसपी, 2 एडिशनल एसपी के साथ ही बांसवाड़ा एसपी पूछताछ कर चुके हैं। करीब 10 दिन तक एसओजी ने कड़ी पूछताछ की। आरोपी पेपरलीक से लेकर डमी अभ्यर्थी बैठाने, फर्जी डिग्री दिलाने में महारत हांसिल कर चुका है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो आरोपी करीब 15 वर्ष से इस अवैध कारोबार से जुड़ा है। साथ ही अभी तक अपने बेटे के साथ ही दोस्तों और परिचितों को नौकरी पर लगवा चुका है। पेपर लीक गैंग के मास्टर माइंड व फरार हरीश और छगन से सीधे संबंध थे।
एसओजी ने आरोपी को दो दिन पहले कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने जेल भेज दिया। आरोपी सकन ने पेपर लीक करने वाले माफियाओं को ऐसे लोग उपलब्ध कराए थे जो 8- 8 लाख रुपए देकर वनरक्षक बनने की इच्छा रखते थे। आरोपी पहले थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती मामले में जेल में था। एसओजी ने उसे कोर्ट के आदेश पर जेल से गिरफ्तार किया था।
आरोपी सकन ने कितने लोगों को नौकरी पर लगवाया, कितनों को डमी बैठाया। अनुसंधान पूरा होने पर ही संख्या स्पष्ट होगी।
हर्षवर्धन अग्रवाला, एसपी बांसवाड़ा