
Damoh teachers news
Banswara News : बांसवाड़ा. ग्राम सेवक व 7 थर्ड ग्रेड शिक्षकों को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह निर्णय जिला परिषद की जिला स्थापना समिति की बैठक में सोमवार शाम को किया गया। जिला प्रमुख रेशम मालवीया की अध्यक्ष में हुई बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी मावजी खांट, कलक्टर प्रतिनिधि के रूप में जिला कोष अधिकारी, एसीईओ, लीगल एक्सपर्ट व अन्य अधिकारी मौजूद थे। सीईओ वीसी गर्ग ने बताया कि बैठक में ग्राम विकास अधिकारी सकन सिंह खडिय़ा के साथ ही थर्ड ग्रेड के 7 शिक्षकों को बर्खास्त किया है। इनके खिलाफ दुराचरण की रिपोर्ट मिली है। शिक्षा विभाग की ओर से 19 शिक्षकों को सस्पेंड किया था, उनका भी अनुमोदन कर दिया गया है।
इनको किया बर्खास्त
बादर गरासिया, महेश चंद्र पटेल, अनूप डोडियार, महेंद्र सिंह, गीता देवदा, खातू राम और सविता डोडियार एवं ग्राम विकास अधिकारी सकन सिंह खडिय़ा की सेवाएं समाप्त की गईं। शिक्षा विभाग को मिली दुराचरण रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज है। इन्होंने राजकीय सेवा का लाभ गलत तरीके से लिया। साथ ही पुलिस ने इनको गिरफ्तार किया। कोर्ट में भी 2 बार या इससे अधिक बार पेश किया गया है। ऐसे में कोर्ट से भी इनको कोई राहत नहीं मिली है।
डमी अभ्यर्थी बैठाकर वर्ष 2016 में नौकरी पाने के आरोप
बांसवाड़ा. कुशलगढ़ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सज्जनगढ़ के राजकीय अंबेडकर छात्रावास के वार्डन को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ 12 जुलाई को कुशलगढ़ थाने में मामला दर्ज किया था। अब पुलिस इस मामले में गहनता से पूछताछ करेगी। पुलिस के अनुसार कुशलगढ़ क्षेत्र के लोहारिया बड़ा निवासी नरेंद्रसिंह अड़ ने वर्ष 2016 भर्ती के जरिए नौकरी हासिल की थी। इस मामले में जांच पड़ताल की तो पता चला कि आरोपी के स्थान पर किसी और ने डमी के रूप में बैठकर परीक्षा पास कराई थी। इसकी पूरी व्यवस्था सज्जनगढ़ में एकाउंटेंट के रूप में कार्यरत शंकरलाल पटेल ने की थी। डीएसपी शिवन्या सिंह ने बताया कि इस मामले में सोमवार को आरोपी नरेंद्र सिंह अड़ को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
पेपर लीक का मास्टरमाइंड हरीश व छगन जल्द घोषित किए जाएंगे इनामी
शेष 4 आरोपियों को भी कोर्ट ने जेल भेजा
अब तक कुल 12 को जेल भेजा जा चुका
बांसवाड़ा. एसओजी ने कस्टडी में चल रहे चारों आरोपियों को सोमवार दोपहर में एडीजे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने केस डायरी देखने के बाद सभी को जेल भेज दिया। हालांकि इस दौरान अधिवक्ताओं ने जमानत के लिए अर्जी दाखिल की पर उन पर कोई सुनवाई नहीं हुई। एसओजी की टीम ने प्रवीण मालवीया, अभिमन्यु सिंह के साथ ही 2 अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। इधर, एसओजी के एएसपी लाखन सिंह ने बताया कि 2 मुख्य आरोपी छगन और हरीश फरार चल रहे हैं।
अब कोर्ट से इनके वारंट इश्यू कराए जाएंगे। दोनों आरोपियों को जयपुर से इनामी घोषित कराया जाएगा। बांसवाड़ा में जिन 2 घरों में कई अभ्यर्थियों को पेपर हल करायागया था। इनमें से सकन व अन्य को जानते थे, उनकी पहचान कर गिरफ्तारी कर ली गई है। जबकि कई को छगन और हरीश ही जानते थे। ऐसे में इन दोनों के पकड़ में आने के बाद कई और अभ्यर्थियों के नाम सामने आएंगे। गौरतलब है कि इससे पहले कोर्ट 8 आरोपियों को जेल भेज चुका है। इनमें से भी किसी की अभी तक जमानत नहीं हुई है।
बांसवाड़ा से ही गायब हो गया छगन
इधर, जानकारी अनुसार पुलिस ने पेपर लीक मामले में 3 अभ्यर्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया था उस दिन छगन बांसवाड़ा में था। इसके बाद उसने अपना मोबाइल बांसवाड़ा शहर में बंद कर दिया। पुलिस और एसओजी दोनों उसकी तलाश में है। संस्कृत शिक्षा विभाग में पहले तो थर्ड ग्रेड शिक्षक और इसके बाद प्रधानाचार्य पर डमी बैठाकर नौकरी पाने वाले वालसिंह गणावा से अब पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ करेगी। पुलिस ने आरोपी को रविवार रात गिरफ्तार किया था। इसके बाद सोमवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया है।
डीएसपी शिवन्या सिंह ने बताया कि वीरमा राम ने वालसिंह गणावा के स्थान डमी के रूप में बैठ कर पहले तो उसे संस्कृत शिक्षा विभाग में थर्ड ग्रेड शिक्षक की नौकरी दिलाई। वर्ष 2009-10 से आरोपी करीब 10 वर्ष तक थर्ड ग्रेड संस्कृत शिक्षक के रूप में कार्य करता रहा। इसके बाद वर्ष 2018-19 में इसी विभाग में प्रधानाचार्य की भर्ती निकली तो फिर से डमी के रूप में वीरमा राम ने की ही परीक्षा दी थी। इसमें भी चयन हो गया। जब मामले को लेकर कुछ इनपुट मिले इसके बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद सोमवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से 22 तक का पुलिस रिमांड मिला है। इस मामले में आगे की गहन पूछताछ की जाएगी।
फाइल मंगाते ही गायब हुआ था अनूप
सज्जनगढ़ थाने में अनूप डोडियार की फाइल मंगाई गई, तो उसके पिता की किसी तरह भनक लग गई। ऐसे में अनूप फरार हो गया। इसे तलाशने में पुलिस को 7 दिन को समय लगा।
नहीं मिले किसी के भी खाते में रुपए
पुलिस और एसओजी की जांच में किसी भी आरोपी के बैंक खाते में कोई बड़ी राशि नहीं मिली है। ज्यादातर लेन-देन नगद ही किया गया था।
बांसवाड़ा. पेपर लीक के जरिए नौकरी पाने वाले सभी 6 वनरक्षक पर भी गाज गिरना तय है। उन्हें सेवा से मुक्त करने की तैयारी कर ली गई है। डीएफओ जिग्नेश शर्मा ने बताया कि सभी 6 गार्ड के खिलाफ पुलिस ने दुराचरण रिपोर्ट भेजी है। ऐसे में जेल में ही सभी 6 गार्ड को नोटिस दिया गया है। इन्होंने अब तक परिवीक्षा काल पूरा नहीं किया है। ऐसे में 3 दिन में अपना पक्ष रखें। क्यों ने आपको सेवा से विमुक्त कर दिया जाए। उनके जवाब आने के बाद कार्रवाई तय मानी जा रही है।
Updated on:
16 Jul 2024 08:45 pm
Published on:
16 Jul 2024 08:44 pm
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