
बांसवाड़ा। दाहोद मार्ग पर बुधवार सुबह हुए भीषण स्कूल वैन हादसे ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। 16 वर्षीय हयान वसानिया रोज की तरह मुस्कुराते हुए स्कूल के लिए निकला था। जाते-जाते उसने मां से कहा, "आई लव यू मम्मा… दो बजे लौट आऊंगा।" पिता से बोला कि बड़े भाई के आने से पहले घर सजाएंगे और जन्मदिन मनाएंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। स्कूल पहुंचने से पहले हुई दुर्घटना में हयान की मौत हो गई और उसके साथ जुड़े तमाम सपने भी टूट गए।
परिजनों के मुताबिक, घर से निकलने से पहले मां ने गुरु पूर्णिमा होने की बात कहकर मंदिर जाने को कहा था। इस पर हयान मुस्कुराया और बोला, "मम्मी, आप और पापा ही मेरे गुरु हो।" उसने कहा था कि दोपहर तक लौट आएगा, फिर बड़े भाई के स्वागत की तैयारी करेगा। किसी ने नहीं सोचा था कि यह परिवार के साथ उसकी आखिरी बातचीत होगी।
हयान का बड़ा भाई कलश वसानिया वियतनाम से घर लौट रहा था। उसका जन्मदिन भी परिवार मनाने की तैयारी में था। हयान कई दिनों से उत्साहित था। उसने भाई से खासतौर पर ड्रोन लाने को कहा था, ताकि वह उससे नए वीडियो बना सके। पिता राजेश वसानिया की आंखें भर आईं। उन्होंने कहा, "बेटा कह रहा था कि भैया के आने से पहले पूरा घर सजाऊंगा। अब वह खुद ही नहीं रहा। जिस ड्रोन का इंतजार था, अब उसे कौन उड़ाएगा?"
हयान सिर्फ पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों में भी आगे था। उसके इंस्टाग्राम पर करीब 4,200 फॉलोअर्स थे। उसके वीडियो लाखों बार देखे जा चुके थे और हजारों लाइक्स मिल चुके थे। वह भविष्य में सफल कंटेंट क्रिएटर बनना चाहता था। स्कूल के शिक्षकों के अनुसार उसने कक्षा 9 में 93 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। गणित और विज्ञान उसके पसंदीदा विषय थे। तबला वादन और हैंडबॉल में भी उसकी विशेष रुचि थी।
बुधवार सुबह करीब 7:30 बजे स्कूल वैन 15 बच्चों को लेकर सेंट पॉल स्कूल जा रही थी। दाहोद मार्ग पर चालक ने कथित रूप से दूसरी वैन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इसी दौरान सड़क किनारे खड़े ट्रक से वैन की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में हयान की मौत हो गई, जबकि कई बच्चे घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल एक छात्र को उदयपुर रेफर किया गया है।
बेटे को खोने के बाद पिता का दर्द आक्रोश में बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल से कई बार सुरक्षित बस सेवा शुरू करने की मांग की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि अब वे सिर्फ अपने बेटे के लिए नहीं, बल्कि सभी बच्चों की सुरक्षा के लिए लड़ेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि निजी वैनों के बजाय स्कूलों में सुरक्षित बस व्यवस्था अनिवार्य की जाए, ताकि किसी और परिवार को हयान जैसा दर्द न सहना पड़े।
हादसे की खबर मिलते ही पूरे स्कूल में शोक की लहर दौड़ गई। बच्चों और शिक्षकों की आंखें नम हो गईं। स्कूल प्रबंधन ने हयान के निधन पर गहरा दुख जताते हुए तीन दिन का अवकाश घोषित किया है। वहीं, अभिभावकों ने भी सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।