युवती ने पुलिस से कहा- शादी करना गुनाह हो गया क्या? वह बोली- पिता के खुदकुशी प्रकरण पर पीहर पक्ष के चंद रिश्तेदार उसके और ससुराल के लोगों के पीछे पड़े हैं।
बांसवाड़ा। कसारवाड़ी क्षेत्र की कथित रूप से अपहृत युवती ने बुधवार को जिला कलक्ट्रेट परिसर पहुंच पुलिस से कहा- शादी करना गुनाह हो गया क्या? वह बोली- पिता के खुदकुशी प्रकरण पर पीहर पक्ष के चंद रिश्तेदार उसके और ससुराल के लोगों के पीछे पड़े हैं। उसने अपने अपहरण की बात सिरे से खारिज कर सगे भाई और तीन फूफा सहित 11 जनों से जान का खतरा बताया और मदद मांगी।
कुशलगढ़ क्षेत्र के परनाला गांव से आई तन्वी पत्नी लोकेश बट्टा ने एएसपी को दिए परिवाद में बताया कि वेटेरनरी कॉलेज, डूंगरपुर में पढ़ाई के दौरान उसका प्रेम संबंध लोकेश पुत्र करणसिंह बट्टा से हुआ। तीन साल के रिश्ते के बीच सजातीय होने से उसके घर लोकेश के परिवार से रिश्ते की पेशकश भी हुई, लेकिन अन्य लोगों के दबाव में पिता ने इनकार कर दिया।
तन्वी का आरोप है कि उसके प्रेम सम्बंध की बात पर पिता ने नशे में कई बार उसे व मां को पीटा। पिता ने साफ कहा था, शादी नहीं करवाएंगे, घर से जाना है तो चली जाए। तब परेशान होकर उसने लोकेश को हालात बताए। दोनों ने उदयपुर में 9 मई को शादी की। फिर कथित तौर पर नशे में पिता ने जहर खाकर आत्महत्या की। उसने बागीदौरा कोर्ट में बयान भी दिया कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से सजातीय विवाह किया। उसने भाई और अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप जड़ा। एएसपी डॉ. राजेश भारद्वाज ने परिवाद डीएसपी, कुशलगढ़ को भेजा।
तन्वी फफकते हुए बोली- ज्योंही उसने पिता को शादी की बात बताई, उन्होंने अपना मुंडन करा कह दिया कि वह उनके लिए मर चुकी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बाकायदा उन्होंने अपना सिर मुंडवाया फोटो भी शेयर किया। फिर नशे में आत्महत्या कर ली। उसने पिता का मुंह देखने जाने की भी सोची, लेकिन उल्टा केस होने से नहीं जा पाई।
18 मई को छोटा डूंगरा में भाई, तीनों फूफा और अन्य लोगों ने बैठक कर समाज के लोगों को बरगलाया। उसके व ससुराल के लोगों के सामाजिक बहिष्कार का कदम उठाया। 21 मई को पिता के 12वें पर भी पत्रक भेजने से इनकार कर दिया। डूंगरा बड़ा या कहीं भी दिखाई देने पर जान से खत्म करने की धमकी दी।