बाराबंकी

बाराबंकी लाठीचार्ज: 21 मिनट में बिगड़ा माहौल, आईजी रिपोर्ट में पुलिस दोषी, योगी सरकार ने की बड़ी कार्रवाई

श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी में एलएलबी कोर्स की मान्यता को लेकर हुए विवाद के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर बर्बर लाठीचार्ज करने वाले चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। आईजी अयोध्या की रिपोर्ट पर कार्रवाई हुई है। जबकि विश्वविद्यालय के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सीओ और इंस्पेक्टर की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।
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बाराबंकी लाठीचार्ज
फोटो सोर्स विश्वविद्यालय के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से

बाराबंकी में श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी के बाहर एलएलबी कोर्स की मान्यता न मिलने के विरोध में हुए एबीवीपी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर की गई जांच के बाद चौकी इंचार्ज गजेंद्र विक्रम सिंह, मुख्य आरक्षी पवन यादव व सौरभ सिंह और सिपाही विनोद यादव को निलंबित कर दिया गया है।

आईजी अयोध्या रेंज प्रवीण कुमार ने बुधवार देर रात अंतरिम जांच रिपोर्ट डीजीपी को सौंपी थी। इसमें पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया। जिसके आधार पर एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय ने निलंबन आदेश जारी किया। वहीं सीओ सिटी हर्षित चौहान और इंस्पेक्टर आरके राना की भूमिका की जांच अभी जारी है। अंतिम रिपोर्ट आईजी मुख्यालय को भेजी जाएगी।

मुहज 21 मिनट में हालात पर बेकाबू, कॉलेज के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज

गौरतलब है कि लाठीचार्ज के बाद मुख्यमंत्री ने सीओ को हटाने और इंस्पेक्टर व चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करने के आदेश दिए थे। दूसरी ओर, बिना मान्यता एलएलबी कोर्स संचालित करने के मामले की जांच मंडलायुक्त अयोध्या को सौंपी गई थी। जांच पूरी होने पर विश्वविद्यालय के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने सिर्फ फैकल्टी और स्टाफ की आवाजाही रोकी थी। छात्राओं को रोकने का प्रयास नहीं किया। विवाद तब बढ़ा जब मान्यता से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला। गेट के भीतर से बाहर आए कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों पर हमला कर दिया। महज 21 मिनट में हालात बेकाबू हो गए। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

एसपी बोले- जांच में दो और पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध

एसपी बाराबंकी के मुताबिक अब तक सीओ, इंस्पेक्टर, चौकी इंचार्ज और एक सिपाही को हटाया जा चुका है। जांच में दो और पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। जिनके खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
05 Sept 2025 08:18 am
Published on:
05 Sept 2025 08:18 am