
फोटो सोर्स विश्वविद्यालय के ऑफिशल और ट्विटर अकाउंट से
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एलएलबी कोर्स की मान्यता को लेकर राम स्वरूप विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज का विवाद अब और गहराता जा रहा है। मामले में मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने के बाद सीओ सिटी हर्षित चौहान को पुलिस लाइन संबद्ध कर दिया गया है। जबकि नगर कोतवाल आरके राना, चौकी प्रभारी गजेंद्र विक्रम सिंह समेत तीन सिपाहियों को भी लाइन हाजिर कर दिया गया है।
बाराबंकी जिले में रामस्वरूप विश्वविद्यालय के एलएलबी छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के आदेश दिए है। सीएम के आदेश के बाद सीओ सिटी हर्षित चौहान को पद से हटाकर एसपी ऑफिस में तैनात किया गया है। मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्त अयोध्या को विश्वविद्यालय की डिग्रियों की वैधता की जांच कराने का निर्देश दिया है। वहीं, लाठीचार्ज में घायल हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं का जिला अस्पताल में इलाज कराकर उन्हें घर भेज दिया गया।
मामला विश्वविद्यालय में बिना मान्यता के चल रहे एलएलबी, बीबीए एलएलबी और बीए एलएलबी पाठ्यक्रमों का है। छात्रों का आरोप है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया से मान्यता के बावजूद यहां अवैध प्रवेश और कक्षाओं का संचालन हो रहा है। सोमवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जमकर प्रदर्शन किया।
दिनभर चले हंगामे और धरने के बीच छात्रों ने कॉलेज के गेट को बंद कर दिया। जिससे विश्वविद्यालय प्रबंधन और छात्रों के बीच भिड़ंत हो गई। इस दौरान पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया। कुछ छात्र इस कार्रवाई से नाराज होकर गदिया पुलिस चौकी पर पत्थर फेंकने लगे। और शीशे तोड़ दिए। पुलिस ने छात्रों को दौड़ाकर खदेड़ते हुए रोकने का प्रयास किया। जिससे करीब 24 लोग घायल हुए। इनमें आठ छात्रों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
छात्रों के प्रदर्शन में लखनऊ और आसपास के जिलों से आए एबीवीपी कार्यकर्ता भी शामिल हुए। लाठीचार्ज में घायल हुए एबीवीपी के प्रांत सह मंत्री अभिषेक बाजपेई, जिला संयोजक अनुराग मिश्रा सहित अन्य पदाधिकारी अस्पताल में इलाज करा चुके हैं।
लाठीचार्ज के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने डीएम आवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। आरोप लगाया कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अनुचित बल प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
Updated on:
3 Sep 2025, 9:37 AM IST
Published on:
3 Sep 2025, 9:37 AM IST
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