
सपा प्रवक्ता मनोज यादव फोटो सोर्स @manoj_yadav X Account
Intro: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज यादव को बाराबंकी पुलिस ने एक महिला को कथित तौर पर धमकाने के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। 11 फरवरी को दर्ज एफआईआर के बाद से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे। उनकी पत्नी ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने शुक्रवार को सफदरगंज क्षेत्र से उन्हें हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई शुरू की।
बाराबंकी पुलिस के अनुसार, सफदरगंज थाना क्षेत्र के भगोलापुरवा के रहने वाले मनोज यादव पर गांव की महिला कलावती ने गंभीर आरोप लगाए थे। महिला का कहना है कि 11 फरवरी को पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई। जिसके दौरान मनोज ने उन्हें धमकी दी। जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत में यह भी आरोप है कि उनके बेटे को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कलावती ने वर्ष 2004 में भी मनोज यादव के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कराया था। उसी पुराने मामले को लेकर हाल में फिर विवाद खड़ा हुआ। जिसके बाद ताजा एफआईआर दर्ज कराई गई।
इधर, गिरफ्तारी से पहले मनोज यादव की पत्नी प्रभा यादव ने लखनऊ के गोमती नगर विस्तार थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मनोज अपनी चचेरी बहन के तिलक समारोह में शामिल होने बीबीडी थाना क्षेत्र गए थे। वहां से दो अन्य शादियों में जाने की बात कही थी। रात करीब 9:40 बजे उनका वीडियो कॉल आया। जिसे वह रिसीव नहीं कर सकीं। बाद में दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन एक नंबर बंद मिला और दूसरे पर कॉल रिसीव नहीं हुई।
परिजनों का दावा था कि मनोज बिना सूचना दिए कहीं नहीं जाते है। उनकी किसी से कोई निजी दुश्मनी भी नहीं है। गुमशुदगी की सूचना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने उन्हें सफदरगंज इलाके से हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद बड़ागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। फिर उन्हें लखनऊ ले जाया गया। मामले पर बाराबंकी पुलिस का कहना है कि महिला की शिकायत के आधार पर जांच की गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की गई है।
इस बीच, समाजवादी पार्टी ने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से मनोज यादव के लापता होने पर चिंता जताई थी। और पुलिस से खोजबीन तेज करने की मांग की थी। वहीं पार्टी प्रवक्ता राजकुमार भाटी ने गिरफ्तारी को अनुचित बताते हुए तत्काल रिहाई की मांग की है। उन्होंने इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई करार दिया है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच निष्पक्ष ढंग से जारी है।
Updated on:
13 Feb 2026, 8:02 PM IST
Published on:
13 Feb 2026, 8:02 PM IST
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