बाराबंकी

CM योगी का बाराबंकी से ऐलान- लोधेश्वर धाम बनेगा भव्य, विरासत संरक्षण पर करोड़ों की सौगात

Barabanki News: बाराबंकी में 542 करोड़ रुपये की 82 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सनातन विरासत, लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया।
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Jul 20, 2026
सीएम योगी बोले- सनातन विरासत का होगा संरक्षण (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
सीएम योगी बोले- सनातन विरासत का होगा संरक्षण (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)

CM Yogi In Barabanki: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी जनपद में 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास, सांस्कृतिक विरासत, सनातन परंपरा और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी विरासत और सनातन संस्कृति से है। इस विरासत को बचाने और राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा के लिए विभिन्न कालखंडों में अनेक महापुरुषों ने अपना सर्वस्व समर्पित किया। आज उनकी प्रेरणा से ही सरकार सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाराबंकी केवल विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण भी पूरे प्रदेश में विशेष स्थान रखता है। यहां के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर, पारिजात वृक्ष और अनेक ऐतिहासिक स्थल प्रदेश की अमूल्य धरोहर हैं। सरकार इन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

विरासत ही भारत की सबसे बड़ी पहचान

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और विरासत होती है। भारत हजारों वर्षों से सनातन संस्कृति का वाहक रहा है और इसी संस्कृति ने देश को अनेक संकटों से उबारने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अनेक महापुरुषों ने राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया। राजा बलभद्र सिंह, लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे वीरों ने भारत की स्वतंत्रता, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए संघर्ष किया।

आज पूरा देश उन्हें इसलिए श्रद्धापूर्वक याद करता है क्योंकि उन्होंने आने वाली पीढ़ियों के लिए गौरवशाली विरासत छोड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन महापुरुषों के आदर्श केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत हैं।

लोधेश्वर महादेव के दर्शन कर मिली आत्मिक शांति

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भगवान लोधेश्वर महादेव का स्मरण करते हुए की। उन्होंने कहा कि बाराबंकी पहुंचकर सबसे पहले उन्हें लोधेश्वर महादेव के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और वहां जाकर उन्हें अंतःकरण से विशेष आनंद की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि भगवान लोधेश्वर महादेव का यह पवित्र धाम केवल बाराबंकी ही नहीं बल्कि आसपास के अनेक जनपदों के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं, लेकिन लंबे समय तक इस मंदिर की उपेक्षा होती रही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के बावजूद मंदिर की स्थिति वर्षों तक जीर्ण-शीर्ण बनी रही और इसके विकास की दिशा में गंभीर प्रयास नहीं किए गए।

पूर्व सरकारों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश 1947 में स्वतंत्र हो गया था, लेकिन स्वतंत्रता का वास्तविक लाभ प्रदेश की कई ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल के लिए तो धन उपलब्ध कराया गया, लेकिन लोधेश्वर महादेव मंदिर के विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई। उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंदिर की उपेक्षा नहीं थी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत की भी अनदेखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आने के बाद इस सोच को बदलने का कार्य किया और धार्मिक, सांस्कृतिक तथा ऐतिहासिक स्थलों के विकास को नई प्राथमिकता दी।

लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर के लिए धन स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने जनसभा में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार ने भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के लिए आवश्यक धनराशि स्वीकृत कर दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां एक भव्य और आधुनिक कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और यह धाम प्रदेश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में शामिल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या, काशी और मथुरा की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त हों।

केडी सिंह बाबू की विरासत को बचाने का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में देश के महान हॉकी खिलाड़ी केडी सिंह बाबू का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद स्थिति थी कि जिस खिलाड़ी ने अपना पूरा जीवन भारत के राष्ट्रीय खेल हॉकी को समर्पित किया, उसकी ऐतिहासिक हवेली बिकने की स्थिति में पहुंच गई थी। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई तो यह निर्णय लिया गया कि केडी सिंह बाबू की हवेली किसी भी कीमत पर बिकने नहीं दी जाएगी। सरकार ने आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराकर इस धरोहर को संरक्षित करने का निर्णय लिया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल भवन बचाने का काम नहीं कर रही, बल्कि महान खिलाड़ियों और महापुरुषों की स्मृतियों को भी पुनर्जीवित कर रही है ताकि आने वाली पीढ़ियां उनसे प्रेरणा ले सकें।

पारिजात वृक्ष संरक्षण का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने बाराबंकी के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व वाले पारिजात वृक्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक इस अद्भुत धरोहर के संरक्षण के लिए भी पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पारिजात वृक्ष के संरक्षण और उसके आसपास पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए भी योजनाएं तैयार की हैं। उनका उद्देश्य केवल धरोहरों को बचाना नहीं बल्कि उन्हें विश्वस्तरीय पहचान दिलाना है।

विकास और विरासत साथ-साथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार विकास और विरासत को एक साथ लेकर चल रही है। जहां एक ओर सड़कों, पुलों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सिंचाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बाराबंकी में 542 करोड़ रुपये से अधिक लागत की जिन 82 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, उनसे जिले के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इन परियोजनाओं से सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं को नई मजबूती मिलेगी।

प्रदेश के समग्र विकास का मॉडल

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है, निवेश बढ़ा है और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण के माध्यम से भारत की गौरवशाली विरासत को नई पहचान देना भी है। इसी सोच के तहत अयोध्या, काशी, मथुरा, नैमिषारण्य, चित्रकूट और अब बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव धाम जैसे स्थलों का तेजी से विकास किया जा रहा है।

बाराबंकी के विकास को मिलेगी नई गति

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाराबंकी आने वाले वर्षों में विकास, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि 542 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं जिले के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, जबकि लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर, पारिजात वृक्ष संरक्षण और अन्य विरासत स्थलों के विकास से बाराबंकी धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को उसका उचित सम्मान मिले और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी उद्देश्य के साथ प्रदेश सरकार विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है।

Updated on:
20 Jul 2026 02:46 pm
Published on:
20 Jul 2026 02:46 pm