Traffic Diversion Plan : महाशिवरात्रि और श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला 2026 के मद्देनजर बाराबंकी प्रशासन ने 5 से 16 फरवरी तक विशेष यातायात डायवर्जन योजना लागू की है। भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग मार्ग तय किए गए हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और सुचारू रूप से सुनिश्चित की जा सके।
Traffic Diversion Plan Rolled Out for Mahadeva Fair 2026: जनपद बाराबंकी में आयोजित होने वाले महाशिवरात्रि एवं श्री लोधेश्वर महादेव फाल्गुनी मेला-2026 को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। हर वर्ष की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 5 फरवरी 2026 से 16 फरवरी 2026 तक विशेष यातायात डायवर्जन प्लान लागू किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं की आवाजाही में कोई बाधा न आए, साथ ही आम यात्रियों को भी कम से कम असुविधा हो। इसी के तहत भारी और हल्के वाहनों के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
लखनऊ से मसौली-रामनगर होकर गोंडा जाने वाले वाहनों को अब अयोध्या मार्ग से होकर जाना होगा। रामनगर मोड़ (थाना कोतवाली नगर क्षेत्र) से किसी भी भारी वाहन को मसौली-रामनगर की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। इसी तरह असैनी मोड़ से भारी वाहनों को पटेल चौराहे की ओर न भेजकर अयोध्या रोड की तरफ डायवर्ट किया जाएगा।
लखनऊ से मसौली-रामनगर होकर बहराइच जाने वाले वाहनों को रेउसा से चहलारी घाट (घाघरा पुल) होकर बहराइच की ओर भेजा जाएगा। यह रूट भीड़ को नियंत्रित करने और मेला क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम करने के उद्देश्य से तय किया गया है।
लखनऊ से देवा होकर फतेहपुर की तरफ जाने वाले भारी वाहन देवा से बाबा कुटी, बड्डूपुर थाना, महमूदाबाद (सीतापुर) और रेउसा होते हुए चहलारी घाट के रास्ते बहराइच की ओर जाएंगे। यह लंबा लेकिन सुरक्षित मार्ग तय किया गया है ताकि मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने।
लखनऊ से मसौली-रामनगर होकर बहराइच या गोण्डा जाने वाले छोटे वाहन उधौली मोड़ से सिरौलीगौसपुर तहसील के सामने से चौकाघाट होकर अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने चार एम्बुलेंस तैनात की हैं, दो एम्बुलेंस महादेवा मेला क्षेत्र में,एक चौकी मोहम्मदपुर (थाना कोतवाली नगर), एक थाना मसौली पर. इन एम्बुलेंस में डॉक्टरों की टीम और जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रहेंगी।
सभी प्रमुख मार्गों पर गश्त, पिकेट ड्यूटी, मोबाइल पुलिस यूनिट और पीआरवी वाहनों की तैनाती की गई है। चौपुला और रामनगर तिराहे पर क्रेन की व्यवस्था भी की गई है, ताकि खराब या फंसे वाहनों को तुरंत हटाया जा सके। प्रशासन ने बताया कि महादेवा मंदिर की ओर आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों की संख्या का प्रतिदिन आकलन किया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर अतिरिक्त वाहनों को तत्काल वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। डायवर्जन अवधि के दौरान एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को किसी भी स्थिति में नहीं रोका जाएगा।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे यात्रा से पहले निर्धारित मार्गों की जानकारी लें, ट्रैफिक नियमों का पालन करें और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सहयोग करें।