
Stone Pelting On Police: उत्तर प्रदेश के बाराबंकीजिले में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार को हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। मृतक के परिजन और ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान लखनऊ-बहराइच नेशनल हाईवे पर शव रखकर जाम लगाया गया। जब पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो भीड़ उग्र हो गई और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह घायल हो गए और कुछ समय के लिए बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी।
मंगलवार दोपहर करीब दो बजे मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण शव लेकर लखनऊ-बहरेाइच नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। करीब 500 लोगों ने सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब दो घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित रहा।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में आसपास के थानों से भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी बुला लिए गए। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है तथा आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
जब जाम के कारण वाहनों की लंबी लाइन लगने लगी और पुलिस ने शव हटाकर यातायात बहाल करने का प्रयास किया तो माहौल बिगड़ गया। पुलिस की कार्रवाई से नाराज भीड़ ने अचानक ईंट-पत्थर चलाने शुरू कर दिए। पथराव में थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर पर पत्थर लग गया, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़े और कुछ देर तक बेहोश रहे। साथी पुलिसकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी, एसडीएम रामनगर आनंद कुमार तिवारी और क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत अतिरिक्त पुलिस बल तथा पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर अधिकारी हेलमेट पहनकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे और माइक के जरिए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। काफी देर तक समझाने के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आई।
स्थिति नियंत्रित होने के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया गया। इसके बाद पुलिस की निगरानी में शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया। मृतक के परिजन भी पुलिस के साथ मौजूद रहे। हाईवे से जाम हटवाकर करीब दो घंटे बाद यातायात सामान्य कराया गया। गांव और आसपास के क्षेत्र में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मामले की शुरुआत सोमवार सुबह हुई, जब 21 वर्षीय पॉलिटेक्निक छात्र जितेंद्र चौहान का शव घर के एक कमरे में साड़ी के फंदे से लटका मिला। परिजन उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या का मामला है। उनका कहना है कि रविवार रात कुछ लोग घर आए थे और जितेंद्र के साथ मारपीट की थी। इसके बाद सोमवार सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला। परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिवार के अनुसार, जितेंद्र का गांव की ही एक युवती से करीब एक साल से प्रेम संबंध था। युवती के परिजन इस रिश्ते के विरोध में थे और इसी बात को लेकर पहले भी दोनों परिवारों के बीच विवाद हो चुका था। मृतक के परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते युवक की हत्या कर शव को फंदे से लटका दिया गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।