
राजस्थान के बारां जिले के नाहरगढ़ में वनकर्मियों से कथित मारपीट और रेंज कार्यालय में तोड़फोड़ मामले में नामजद आरोपी भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा को गिरफ्तार करने के लिए बारां पुलिस लगातार जगह-जगह दबिश दे रही है। हालांकि, पुलिस को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है और नरेश मीणा कागजों में 'फरार' चल रहे हैं। लेकिन, दूसरी तरफ नरेश मीणा अपने सोशल मीडिया के आधिकारिक पेज पर पूरी तरह सक्रिय हैं। एक ओर जहाँ पुलिस उन्हें ढूंढ रही है, वहीं दूसरी ओर वे खूबसूरत वादियों के बीच नदी में कश्ती पर सवार होकर वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। यही नहीं, चुनावी रोड शो का आगामी शेड्यूल तक जारी कर रहे हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को लेकर रणनीतिक बदलाव भी कर दिया है।
पुलिस की छापेमारी के बीच गुरुवार को नरेश मीणा ने एक नया वीडियो शेयर किया, जिसमें वे खूबसूरत वादियों के बीच किसी नदी में कश्ती में सवार नजर आ रहे हैं। आगामी 14 नवंबर 2026 को होने वाले चौथे चरण के पंचायती राज चुनावों को लेकर उन्होंने बारां क्षेत्र के मतदाताओं से बहुजन समाज पार्टी (BSP) के चुनाव चिह्न 'हाथी' पर बटन दबाकर तीसरे मोर्चे का बोर्ड बनाने की अपील की।
'फरारी' के बीच ही उन्होंने 7 से 12 नवंबर तक चौथे चरण के चुनाव प्रचार के लिए विस्तृत जनसंपर्क और रोड शो कार्यक्रमों की घोषणा कर दी है, जिससे पुलिस और प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।
इससे पहले नरेश मीणा ने 6 नवंबर को शाम 5 बजे नाहरगढ़ थाने पहुंचकर स्वेच्छा से गिरफ्तारी देने का एलान किया था। लेकिन ताजा सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने अपनी रणनीति बदलते हुए लिखा, ''गांव के चारों तरफ पुलिस ने घेरा डाल रखा है। सब से आग्रह है बिल्कुल भी उत्तेजित न हों, उन्हें अपना काम करने दें, कानून को हाथ में न लें। मैं अपनी जगह सेफ हूं। पहले 6 नवंबर को स्वेच्छा से अपनी गिरफ्तारी देने जा रहा था, लेकिन अब पुलिस में गिरफ्तारी की जगह न्यायालय की शरण लूंगा।''
बारां जिले की पुलिस द्वारा नरेश मीणा की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश देने की मुख्य वजह नाहरगढ़ स्थित वन विभाग के कार्यालय में हुई घटना है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 1 नवंबर को वन विभाग द्वारा अवैध ट्यूबवेल का जनरेटर जब्त करने की कार्रवाई के विरोध में नरेश मीणा सैकड़ों समर्थकों के साथ नाहरगढ़ रेंज कार्यालय में घुस गए थे।
आरोप है कि भीड़ ने वनकर्मियों के साथ हाथापाई की, वर्दी के बैज व जब्ती के दस्तावेज फाड़ दिए और जब्त जनरेटर को मिनी डोर में भरकर ले गए। इसके बाद वन नाका प्रभारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस और सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।
फिलहाल, गांव में भारी पुलिस बल की तैनाती है और पुलिस की टीमें नरेश मीणा की लोकेशन ट्रैक करने का प्रयास कर रही हैं, जबकि नरेश मीणा कोर्ट के जरिए कानूनी राहत पाने की तैयारी में जुट गए हैं।