नगरपरिषद ठेकेदार की ओर से नाले की सफाई के बाद नाले को खुला छोडऩे की प्रवृत्ति लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। शहर के प्रताप चौक से जनता सिनेमा की गली में खुले पड़े नाले में रविवार दोपहर एक बाइक सवार युवक बाइक समेत गिर गया। बाद में आसपास के दुकानदारों ओर राहगीरों ने मदद कर युवक तथा रस्सियों से बांधकर बाइक को नाले से बाहर निकाला। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। लोगों ने नगरपरिषद ठेकेदार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उसके रवैये की जमकर आलोचना की। लोगों का कहना था कि नाले की सफाई करने के बाद व्यवस्थिति रूप से नाले का ढकान किया जाना चाहिए था। ढकान खुला रखने की आवश्यकता होने पर यातायात डायवर्ट करने के संकेत बोर्ड लगाना चाहिए था। जरूरी होने पर गली से वाहनों समेत पैदल आवाजाही पर भी बेरीकेड लगाकर रोक लगानी चाहिए थी।
गंभीर हादसा टला, नगरपरिषद और उसके ठेकेदार की लापरवाही को लेकर लोगों में रोष
बारां. नगरपरिषद ठेकेदार की ओर से नाले की सफाई के बाद नाले को खुला छोडऩे की प्रवृत्ति लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। शहर के प्रताप चौक से जनता सिनेमा की गली में खुले पड़े नाले में रविवार दोपहर एक बाइक सवार युवक बाइक समेत गिर गया। बाद में आसपास के दुकानदारों ओर राहगीरों ने मदद कर युवक तथा रस्सियों से बांधकर बाइक को नाले से बाहर निकाला। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। लोगों ने नगरपरिषद ठेकेदार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उसके रवैये की जमकर आलोचना की। लोगों का कहना था कि नाले की सफाई करने के बाद व्यवस्थिति रूप से नाले का ढकान किया जाना चाहिए था। ढकान खुला रखने की आवश्यकता होने पर यातायात डायवर्ट करने के संकेत बोर्ड लगाना चाहिए था। जरूरी होने पर गली से वाहनों समेत पैदल आवाजाही पर भी बेरीकेड लगाकर रोक लगानी चाहिए थी।
प्रभावी निगरानी की दरकार
शहर में पिछले कुछ दिनों से नगरपरिषद की ओर से छोटे नालों की सफाई कराई जा रही है, लेकिन नालों का वापस यथावत ढकान नहीं किया जा रहा है ओर कचरे के ढेर भी दिनों तक नहीं उठाए जा रहे है। कचरा निकालने के बाद उसे सूखने के बाहने दो-तीन दिनों तक रोड किनारे ही खुला छोड़ दिया जाता है। बाद में कचरा सूखने के बाद हवाओं से वापस खुले नाले में चला जाता है ओर बचे हुए कुछ अवशेष को तीन दिन बाद ठेकेदार के कर्मचारी भरकर इतिश्री कर लेते है। सफाई ओर कचरा उठाने व ढकान करने आदि की व्यवस्था के लिए प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है, लेकिन औपचारिकता पूरी की जा रही है।