
छबड़ा (बारां)। खाद को लेकर धरतीपुत्र इन दिनों खासे परेशान हैं। शुक्रवार को छबड़ा शहर के खेल मैदान में खाद के टोकन लेने के लिए किसान भारी संख्या में पहुंचे। यहां पुलिस प्रशासन व कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को टोकन वितरित किए गए। उमसभरी गर्मी के बीच किसानों को खाद के टोकन के लिए कतार में लग घंटों तक इंतजार करना पड़ा। कई किसान जब खड़े-खड़े थक गए तो देर तक कतार में जमीन पर बैठे रहे।
प्रशासन द्वारा खाद वितरण के लिए टोकन व्यवस्था के तहत खेल मैदान में टोकन मिलने की आशा में हजारों की संख्या में महिला और पुरुष किसान तड़के से ही पहुंच गए थे। यहां किसानों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली। प्रशासन ने महिलाओं के लिए अलग कतार की व्यवस्था की ताकि वितरण प्रक्रिया अव्यवस्थित न हो। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी। किसानों को यहां टोकन जारी किए गए।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक चौथमल मीणा ने बताया कि वर्तमान में 2800 खाद के बैग उपलब्ध थे। इसके चलते केवल दो-दो बैग के टोकन 1400 किसानों को दिए गए। टोकन मिलने के बाद किसान सम्बंधित केंद्र पर पहुंचकर खाद प्राप्त कर सकते हैं। आगामी दिनों में दूसरी रैक आने के बाद ही टोकन वितरण करवाया जाएगा।
किसानों के मुताबिक वे तड़के से ही खेल मैदान में पहुंच गए थे। ऐसे में कई घंटे कतारों में लगने के बाद भी उन्हें महज दो बैग मिले हैं। इस दौरान कई किलोमीटर दूर से आई महिलाएं भी अपने घरेलू कार्यो को छोड़ कतार में लगने के कारण परेशानी झेलनी पड़ी।
उधर, बारां जिले के देवरी में कृषि विभाग की टीम ने एक खाद विक्रेता के यहां छापेमार कार्रवाई कर अवैध रूप से भंडारित 480 बैग डीएपी और 45 बैग सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) जब्त किए हैं। मामले में संबंधित विक्रेता के खिलाफ कस्बाथाना थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार खाद एवं बीज विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को उपखंड अधिकारी सुनील झिंगोनिया एवं तहसीलदार अनीता के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम ने देवरी क्षेत्र में उर्वरक विक्रेताओं का निरीक्षण किया था। इसमें तीन खाद बीज विक्रेताओं को नोटिस जारी किया। इसके बाद शुक्रवार को संयुक्त निदेशक कृषि राजेश विजय, कृषि अधिकारी धनराज मीणा एवं विभागीय अधिकारियों की टीम ने मै. जय माता दी फर्टिलाइजर, देवरी के विक्रय परिसर का दोबारा निरीक्षण किया।
जांच के दौरान बड़ी मात्रा में उर्वरकों का अवैध भंडारण किया जाना सामने आया। निरीक्षण में लगभग 480 बैग डीएपी तथा 45 बैग सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) स्टॉक में पाए गए, जिन्हें नियमानुसार दर्ज नहीं किया गया था। प्राथमिक जांच में उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए खाद का अवैध रूप से भंडारण कर छिपाकर रखने की पुष्टि हुई।