
किसानों के साथ नरेश मीणा (फोटो: पत्रिका)
Naresh Meena And Chhabra Farmers Protest: युवा नेता नरेश मीणा ने एक बार फिर खाद की समस्या को लेकर हुंकार भरी है। कुछ दिन पहले छबड़ा में एसडीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन के बाद अब उन्होंने इसी मुद्दे पर बुधवार को बालापुरा गांव से छबड़ा तक पैदल यात्रा की। इसके बाद बड़ी संख्या में किसान एसडीएम कार्यालय के बाहर जुट गए जहां अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया गया। धरने में सैकड़ों किसानों की भागीदारी दिखाई दी। नरेश मीणा ने खाद की कालाबाजारी और वितरण में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 'किसान खाद के लिए भटक रहे हैं, जबकि कालाबाजारी लगातार जारी है और कई किसानों को जबरन अटैचमेंट भी दिया जा रहा है।'
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र में खाद के टोकन नहीं मिलने से नाराज किसानों ने सड़क जाम कर विरोध जताया था। वहीं खाद की कालाबाजारी को लेकर कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जिस पर कृषि विभाग ने कुछ मामलों में कार्रवाई भी की है।
खाद की कालाबाजारी के मुद्दे को लेकर 5 दिन पहले ही यानी बीते शुक्रवार को किसानों ने एसडीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम सपना कुमारी से वार्ता कर किसानों को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी पर रोक लगाने, अवैध निकासी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। इससे पहले प्रदर्शन को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि खाद व्यापारियों द्वारा कालाबाजारी की जा रही है। किसानों को निर्धारित दर से अधिक में खाद बेचा जा रहा है। 1350 रुपए में मिलने वाले डीएपी खाद के कट्टे को 2100-2200 रुपए तक बेचा जा रही है। साथ ही किसानों को खाद के साथ अटैचमेंट लेने के लिए बाध्य किया जा रहा है। खाद को अवैध रूप से मध्यप्रदेश भेजा जा रहा है। प्रदर्शन में नरेश मीणा समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे। वार्ता में डीएसपी ताराचंद, सीआई राजेश खटाना, कृषि विभाग के सहायक निदेशक चौथमल मीणा भी शामिल रहे।
यहां नरेश मीणा ने सम्बोधित करते हुए कहा कि किसानों को खाद नहीं मिल रहा, जो मिल रहा है तो महंगा। जबरन अटैचमेंट दिया जा रहा है। यहां किसान खाद के लिए भटक रहे हैं तो दूसरी ओर खाद एमपी भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुध नहीं ली जा रही।
इस मामले में एसडीएम सपना कुमारी ने बताया कि खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए तीन स्थानों पर चैक पोस्ट बनाई गई हैं जिन पर कृषि विभाग के अधिकारी के साथ पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। दो दिन पूर्व ही कार्रवाई करते हुए एक सम्बंधित फर्म का लाइसेंस निरस्त कर दिया हैं। सभी डीलर्स को रेट लिस्ट लगाने के लिए कड़े निर्देश दे दिए हैं। हमारे पास लगभग 8500 डीएपी के कट्टे व 6500 एनपीके के कट्टे उपलब्ध हैं, जो कि पर्याप्त हैं।
Updated on:
17 Jun 2026 12:44 pm
Published on:
17 Jun 2026 11:17 am
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