Good News: लंबे इंतजार के बाद शिक्षा विभाग ने करीब 12 हजार वरिष्ठ अध्यापकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इस फैसले से शिक्षकों में उत्साह की लहर है और इसे शिक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
Education Department Order: शिक्षा विभाग की ओर से सभी विषयों में लगभग 12 हजार वरिष्ठ अध्यापकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से वरिष्ठ अध्यापकों को पदोन्नति का इंतजार था, जिसे अब पूरा किया गया है।
ये निर्णय न केवल शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाएगा बल्कि विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। जिला अध्यक्ष श्याम बाबू मेहता ने कहा कि वरिष्ठ अध्यापकों की पदोन्नति का यह आदेश शिक्षा विभाग का सराहनीय एवं स्वागत योग्य निर्णय है। इससे शिक्षकों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ेगा तथा वे और अधिक समर्पण भाव से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
संभाग संगठन मंत्री मानक मारन ने कहा कि यथास्थान कार्यग्रहण कर चुके प्रधानाचार्य एवं उप प्रधानाचार्य पदोन्नत अधिकारियों के संबंध में भी न्यायालय से शीघ्र सकारात्मक निर्णय होने की उम्मीद है, ताकि काउंसलिंग उपरांत उन्हें शीघ्र पदस्थापन मिल सके।
महासंघ ने आशा व्यक्त की कि शिक्षा विभाग इस विषय में भी त्वरित कार्यवाही कर पदोन्नत अधिकारियों को राहत प्रदान करेगा।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों को मोबाइल पर पाबन्दी के आदेश के बावजूद मोबाइल की व्यवस्थागत मजबूरी के चलते शिक्षा विभाग ने नए आदेश जारी करते हुए ऑन लाइन उपस्थिति की व्यवस्था को क्लास रुम से हटवाकर प्रार्थना सभा में करवा दिया गया है।
शिक्षा विभाग ने पूर्व में जारी आदेश के अनुसार शिक्षकों को शिक्षण काल के दौरान मोबाइल को ले जाने के लिए पाबंदी लगा दी थी। लेकिन स्कूल में प्रथम कालांश में विद्यार्थियों की उपस्थिति को मर्ज करने के लिए मोबाइल ले जाना मजबूरी बना हुआ था। पूर्व स्कूल की सभी कक्षाओं की उपस्थिति शाला दर्पण प्रभारी करता था।
मार्च 2025 से यह जिम्मेदारी प्रत्येक शिक्षक को क्लास में अपने मोबाइल से करने के लिए दे दी गई। जिसके चलते कक्षा का प्रथम कालांश प्रभावित होता था, वही कक्षा में मोबाइल ले जाना व्यवस्थागत मजबूरी बना हुआ था। शिक्षा विभाग को दो तरह के आदेशों की त्रुटि का आभास होने के बाद व्यवस्था में परिवर्तन किया गया।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के नए आदेशों के अनुसार अब नए सत्र से प्रार्थना सभा में भी उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया शुरु करवा दी गई है। इसके तहत शालादर्पण पोर्टल पर राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की ऑनलाइन दैनिक उपस्थिति दर्ज किये जाने के लिए शिक्षक एप्प में विद्यार्थी उपस्थिति विकल्प निर्मित किया गया है, प्रत्येक कक्षाध्यापक स्वयं की स्टाफ आईडी से लॉगिन कर, अपनी कक्षा का चयन कर सभी विद्यार्थियों की उपस्थिति का विवरण इंद्राज कर पाएंगे, जिसके लिए प्रार्थना सभा के दौरान एप्प में प्रदर्शित विद्यार्थियों की सूची में से केवल अनुपस्थित विद्यार्थियों को चिन्हित करना होगा। इससे विद्यार्थियों की दिनांक वार उपस्थिति का अंकन सीधे ही शाला दर्पण पोर्टल पर उपस्थिति मॉड्यूल में किया जा सकेगा। समन्वित होने के पश्चात यह डेटा विद्यालय लॉगिन सहित ब्लॉक, जिला, एवं राज्य स्तर के कार्यालयों के लॉगिन पर सहज उपलब्ध होगा।
शिक्षा विभाग की यह एक अच्छी शुरुआत है, जिले के सभी सरकारी स्कूलों में दिशा निर्देश भिजवा दिए गए है। अधिकतर स्कूलों में नई व्यवस्था से उपस्थिति भी दर्ज होना शुरु हुई है। इससे विद्यार्थियों का स्कूलों में ठहराव भी सुनिश्चित होगा। वही परीक्षा में बैठने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति भी विद्यार्थी के लिए जरूरी है, उसे भी संबल मिलेगा।
राजेन्द्र कुमार मेहता, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, बारां