बारां

Rajasthan:’समाधान होने पर घर ले जाऊंगा…’ बेटे-बेटी को तहसीलदार के कक्ष में छोड़कर चला गया किसान, 2 दिन तक रोते-बिलखते रहे मासूम

Rajasthan News : बारां जिले में दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेत में पानी भरने की समस्या से परेशान एक किसान अपने दो मासूम बच्चों को मांगरोल तहसील कार्यालय में छोड़कर चला गया।

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Apr 24, 2026
फोटो पत्रिका नेटवर्क

बारां। जिले में दिल झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां खेत में पानी भरने की समस्या से परेशान एक किसान अपने दो मासूम बच्चों को मांगरोल तहसील कार्यालय में छोड़कर चला गया। किसान ने अधिकारियों से कहा कि जब उसकी समस्या का समाधान हो जाए, तब बच्चों को वापस ले जाएगा।

मांगरोल तहसील के ईश्वरपुरा गांव निवासी किसान मधुप्रकाश धाकड़ मंगलवार को अपने 12 वर्षीय बेटी और 8 वर्षीय बेटे को स्कूल से लाकर सीधे तहसीलदार के कक्ष में छोड़ आया। पिता के जाने के बाद तहसीलदार की ओर से पुलिस को सूचना दी गई। मांगरोल थाना पुलिस बच्चों को अपने साथ लेकर बारां पहुंची और बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया। समिति के निर्देश पर बच्चों को सखी केन्द्र में रखा गया, जहां परिजनों से दूर दोनों बच्चे दो दिन तक रोते-बिलखते रहे। गुरुवार को समझाइश के बाद परिजन बारां पहुंचे और बच्चों को अपने साथ ले गए।

खेत में पानी भरने से परेशान

जानकारी के अनुसार, किसान के खेत के पास से पार्वती मुख्य नहर का मुंडिया माइनर गुजरता है। बीते वर्षों में कुछ किसानों द्वारा माइनर को बंद कर देने से नहर का पानी आगे नहीं पहुंच पाता और बारिश के दिनों में पानी उसके खेत में भर जाता है। इससे हर बार फसल खराब हो रही है। किसान और अन्य ग्रामीण लंबे समय से माइनर खुलवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पाया।

कई बार लगा चुका गुहार

किसान मधुप्रकाश और उसके परिजनों ने बताया कि वे वर्षों से अधिकारियों को शिकायत करते आ रहे हैं। मांगरोल से लेकर बारां तक कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। परिवार के पास करीब 11 बीघा जमीन है, जो पानी भराव के कारण खराब हो रही है। कर्ज के चलते आर्थिक स्थिति भी बिगड़ गई है।

-सीमाज्ञान के बाद तीन दिन पहले ही माइनर की खुदाई शुरू करा दी है। जल्द काम हो जाएगा। किसान को फसल कटने के बाद काम शुरू करने को कहा था।
संतोष माली, एईएन, जल संसाधन विभाग, बारां

--हमने तो पहले ही सीमा ज्ञान करवा दिया था। अभी दो दिनों में फिर नपाई करवा दी। जल संसाधन वालों ने देरी की।
बृजेश सिहरा, तहसीलदार, मांगरोल (बारां)

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