Bisalpur Dam: बरसों पुरानी पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के तहत राजस्थान के दस जिलो में बारां से पानी पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए जिले के महलपुर तथा रामगढ़ में बांध निर्माण किया जाएगा।
Bisalpur Dam: बरसों पुरानी पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के तहत राजस्थान के दस जिलो में बारां से पानी पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए जिले के महलपुर तथा रामगढ़ में बांध निर्माण किया जाएगा। परियोजना के प्रथम चरण में करीब 14 हजार 500 करोड़ रुपए की राशि व्यय होगी। इसके लिए करीब 2 हजार करोड़ की निविदाएं भी जारी कर दी गई है। प्रदेश के 13 जिलों की इस परियोजना में प्रथम फेज में 10 जिलों तक पानी पहुंचाया जाएगा।
इन जिलों को मिलेगा लाभ:
इस योजना के तहत राजस्थान के बारां, कोटा, बूंदी, झालावाड़, सवाईमाधोपुर, दौसा, जयपुर, अजमेर, टोंक, अलवर फीडर चैनल से पानी पहुंचाया जाएगा। जिससे सैकड़ों गांवों के लाखों परिवारों को पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। 13 जिलों की इस परियोजना में अभी करोली, धौलपुर तथा भरतपुर को शामिल नहीं किया गया है। जिले के महलपुर में पार्वती नदी पर बनने वाले बांध की क्षमता 258 मिलियन क्यूबिक मीटर तथा रामगढ़ में कूल नदी पर बनने वो बांध की क्षमता 45 मिलियन क्यूबिक मीटर की होगी।
ऐसे पहुंचेगा परियोजना का पानी:
फीडर के माध्यम से पानी रामगढ़ से महलपुर जाएगा। महलपुर से नौनेरा बांध में जाएगा, नौनेरा में पम्प हाउस बनेगा जो पानी लिफ्ट करेगा। मेज नदी में पम्प हाउस बनेगा। यहां से गलवा डेम में जाएगा। गलवा से दो जगह फ्लो में इसरदा डेम के लिए एवं गलवा से पम्प से लिफ्ट कर बीसलपुर भेजा जाएगा। रामगढ़ से महलपुर 7 किलोमीटर फीडर चैनल बनेगा। महलपुर से नोनेरा 28 किलोमीटर, यहां से मेज 25 किलोमीटर, मेज से गलवा 35 किलोमीटर, गलवा से इसरदा तथा यहां से ही बीसलपुर 78 किलोमीटर तक फीडर चैनल बनेगा। मुख्य बांध महलपुर तथा रामगढ़ में क्षेत्र की जगह पर प्राथमिक कार्यों की परिधि, डूब क्षेत्र आदि का निर्धारण समेत प्रथम स्तर के कार्योँ को पूरा किया जाएगा।
इस परियोजना के लिए प्रथम चरण में करीब 14 हजार पांच सौ करोड़ व्यय होने का अनुमान लगाया गया है। परियोजना को शीघ्र ही कार्य शुरु होने की उम्मीद है। 10 जिलो के लोग लाभान्वित होगें।
पी.के. गुप्ता, महाप्रबन्धक, पीआईयू प्रथम, ईआरसीपीसी कोटा