इस टंकी को सीधा करने के लिए बाहर से दो हाइड्रा मशीनों को बुलाया गया और टंकी को सीधा करने का प्रयास शुरू किया। लेकिन टंकी में भारी मात्रा में राख भरी होने से वह सीधी नहीं हो सकी। बाद में अन्य दो हाइड्रा मशीनों को और बुलाकर एक साथ चार मशीनों से उसे सीधा करने का प्रयास किया।
कवाई. बारां-अकलेरा नेशनल हाइवे पर के कस्बे के समीप इतनी हालत खराब है कि अब यहां होकर वाहनों का निकलना भी जोखिम भरा साबित हो रहा है। इस सडक़ पर थाना परिसर के सामने बुधवार रात्रि करीब 10:30 बजे एक बल्गर सडक के गड्ढे में टायर जाने से पलट गया। यह मोतीपुरा पावर प्लाट से राख भरकर बारां की ओर जा रहा था। आसपास क्षेत्र में हाइड्रा मशीन की व्यवस्था नहीं होने से बुधवार के दिन इसे नहीं उठाया गया। यह थाना परिसर के समीप नेशनल हाइवे पर ही पड़ा रहा। इस दौरान सडक से अन्य वाहनों का संचालन जारी था। गुरुवार दोपहर को इस टंकी को सीधा करने के लिए बाहर से दो हाइड्रा मशीनों को बुलाया गया और टंकी को सीधा करने का प्रयास शुरू किया। लेकिन टंकी में भारी मात्रा में राख भरी होने से वह सीधी नहीं हो सकी। बाद में अन्य दो हाइड्रा मशीनों को और बुलाकर एक साथ चार मशीनों से उसे सीधा करने का प्रयास किया। यह 1 बजे से शुरू हुआ ओर साय करीब 5:30 बजे तक जारी था। करीब 4:30 घंटे की मशक्कत के बाद चार हाइड्रा मशीन की सहायता से इसे सीधा किया गया। इस दौरान बीच में टंकी सडक़ पर आडी हो जाने से यहां जाम लग गया। जाम में इमरजेंसी वाहन भी फंसे नजर आए तो वहीं यात्री वाहन भी फंसे थे।
सप्ताह में तीसरी घटना
नेशनल हाइवे पर थाना परिसर के समीप हो रहे गहरे गड्ढों के चलते पिछले सप्ताह में तीन बार इसी जगह बल्गर खराब हो गए एवं एक पलट गया। लोगों का कहना है कि यह सडक़ सरकार द्वारा सीसी सडक़ में बदलकर इसके चौड़ीकरण का कार्य शुरू करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है, लेकिन अब तक भी इसका कार्य शुरू नहीं हुआ है।
जाम में फंसी 4 एंबुलेंस
थाना परिसर के सामने बल्गर को सीधा करने के लिए शुरू हुए मिशन के दौरान 4:30 घंटे तक चार एंबुलेंस भी फंसी रही। इनमें मरीज बताए जा रहे थे।