मजरावता दह के लिए आए तीन नए पम्प, दो से होगा जल उत्पादन, एक रहेगा स्टैंड बाय, दो-तीन में मिलने लगेगी नियमित पेयजल आपूर्ति
बारां. बारां शहर के लिए जल उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया अब अन्तिम चरण में पहुंच गई है। वहां से शहर के अटरू रोड स्थित जल शोधन संयंत्रों (फिल्टर प्लांट) तक पार्वती नदी का पानी नियमित रूप से लाने का दौर शुरू हो जाएगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार दो-तीन दिन में मजरावता दह से 80 लाख लीटर पानी बारां पहुंचेगा।
जलदाय विभाग के सहायक अभियंता डालूराम मेहता ने बताया कि मजरावता दह से बारां के अटरू रोड स्थित हैड वक्र्स तक पानी लाने के लिए 75-75 हार्स पावर के तीन नए पम्प बारां आ गए हैं। लेकिन इन्हें अभी स्थापित नहीं किया गया है। इस लाइन की टेस्टिंग का कार्य पूरा हो गया है। लेकिन वर्तमान में पुराने 35 हार्स पावर के एक पंप से ही पानी बारां लाया जा रहा है। इसके चलते अटरू हैड वक्र्स के एक फिल्टर प्लांट को ही चालू किया जा सका है।
अभी पम्पों के पैनल आना शेष
विभाग के अधिशासी अभियंता अरविंद खींची ने बताया कि मजरावता दह में अभी 35-35 हार्स पावर के दो पुराने पम्प ही उपयोग में लाए जा रहे थे। इनमें एक पम्प खराब होने से हैड वक्र्स के एक ही फिल्टर प्लांट से जल शुद्ध किया जा रहा है। अब तीन-चार दिन में नए पम्प के पैनल आने के बाद इनकी स्थापना कर प्रतिदिन 80 लाख लीटर पेयजल बारां लाया जाएगा।
पूर्व में किशनगंज जाता था पानी
पार्वती नदी के मजरावता दह से किशनगंज कस्बे में पेयजल आपूर्ति होती थी। लेकिन कुछ वर्ष पूर्व यह व्यवस्था लडखड़़ाने से वहां जलदाय विभाग ने नलकूपों से पेयजल टंकियां भरकर पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी थी। अब मजरावता दह का पानी बारां आएगा। बारां का मुख्य पेयजल स्रोत भी पार्वती नदी का हीकड़दह ही है।