बारां

Baran Murder: नोटिस देने पर नर्सिंग ऑफिसर ने की डॉक्टर की हत्या, पहले शराब पिलाई फिर ऐसे दी दर्दनाक मौत

गलतियों के संबंध में प्रभारी अधिकारी डॉ. वैभव ने पिछले माह अशोक को 4-5 नोटिस दिए थे। इससे वह डॉ. वैभव से रंजिश रखता था।
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Updated: 27 May 2025, 9:43 AM IST
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डॉ. वैभव चावला और पुलिस की गिरफ्त में हत्या के आरोपी (फोटो: पत्रिका)

Rajasthan Crime: बारां के कोयला के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नियुक्त डॉ. वैभव चावला की संदिग्ध अवस्था में मृत्यु के मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ जारी है।

एसपी राजकुमार चौधरी ने बताया कि 18 मई को कोटड़ी सूण्डा गांव के समीप पार्वती नदी से कोयला सीएचसी प्रभारी डॉ. वैभव चावला निवासी इटावा (कोटा) का शव मिला था। इस पर पहले मृग व बाद में पिता की रिपोर्ट पर 22 मई को चार जनों के खिलाफ थाना सदर थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया। उपाधीक्षक ओमेन्द्र सिंह शेखावत ने सभी पहलुओं पर जांच के बाद वारदात का खुलासा कर दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया।

झालावाड़ और जयपुर के निवासी हैं आरोपी

पुलिस ने बताया कि कोयला अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर अशोक कुमार वर्मा (33) निवासी लोढाखेड़ा थाना बकानी जिला झालावाड़ ड्यूटी से अनुपस्थित हो जाता था। इससे सीएचसी प्रभारी अधिकारी डॉ. वैभव चावला उसकी गैर हाजिरी अंकित कर देते थे। बाद में अशोक उसको काटकर अपने हस्ताक्षर कर देता था। इस तरह की गलतियों के संबंध में प्रभारी अधिकारी डॉ. वैभव ने पिछले माह अशोक को 4-5 नोटिस दिए थे। इससे वह डॉ. वैभव से रंजिश रखता था। यह बात अशोक ने उसके साथी सेक्टर हेल्थ सुपरवाइजर शंकरलाल बैरवा निवासी ढाणी राजपुरा थाना बगरू जिला जयपुर ग्रामीण को बताई। तभी से दोनों डॉ. वैभव से रंजिश रखने लगे थे।

योजना के तहत 17 मई को अस्पताल ड्यूटी के बाद अशोक ने डॉ. वैभव को ठण्डा पिलाने के बहाने रोक लिया तथा शंकर से ठण्डा मंगवाया। तीनों ने ठण्डा पीकर गला तर किया। इसके बाद दोनों डॉ. वैभव को बाइक से नहाने के लिए कोटडी सूण्डा ले गए। ठेके से अशोक ने 5 केन बीयर व पानी की बोतलें ली तथा किराने की दुकान से सिगरेट खरीदी। वहां डॉ. वैभव को अधिक शराब पिलाई और बाद में योजना के तहत पानी में डुबो कर डॉ. वैभव की हत्या कर दी। फिर दोनों पैदल शाम 7 बजे वापस कोयला आ गए। अगले दिन डॉ. वैभव के पिता उसे तलाश करने अस्पताल पहुंचे तो दोनों उन्हें सच नहीं बताकर गुमराह करते रहे।

पत्रिका ने पहले ही जताई थी आशंका

उल्लेखनीय है कि राजस्थान पत्रिका ने 19 मई को ‘पार्वती में मिला चिकित्सक का शव’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें मौके पर बाइक, मोबाइल व जूते मिलने की बात बता दी थी। 20 मई के अंक में ‘पिता ने कहा-मेरा बेटा आत्महत्या जैसी कायराना हरकत नहीं कर सकता’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। इसमें हत्या की आशंका के संकेत दे दिए गए थे। पुलिस के खुलासे में यह सामने आ गया। 22 मई के अंक में ‘दो लोगों से जुड़ रहे चिकित्सक वैभव की मृत्यु के तार, जांच जारी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की गई। पुलिस की अब तक की जांच यह भी सच साबित हुई।

Updated on:
27 May 2025, 9:43 AM IST
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